सरकार किसान की उपज पर देगी 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण

सरकार किसान की उपज पर देगी 3 प्रतिशत ब्याज पर ऋण

Posted On - 04 Jun 2020

प्रतिवर्ष कृषक कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपए का मिलेगा अनुदान

किसानों भाइयों का ट्रैक्टर जंक्शन में स्वागत है। आज हम लेकर आए है आपके लिए सरकार की ओर से ही शुरू की गई उपज रहन ऋण योजना के बारे में जानकारी जो किसानों के लिए आर्थिक रूप से मददगार साबित होगी। इस योजना में किसान अपनी उपज को सरकार के पास रहन रखकर मात्र 3 प्रतिशत की साधारण ब्याज दर से ऋण लेकर इसका लाभ उठा सकते हैं। जानते है किस तरह किस तरह किसान इस योजना से लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

 

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पहले कोरोना वायरस और फिर फसलों को टिड्डी दल से किसान की फसलों को नुकसान पहुंचा जिससे उन्हें आर्थिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने किसानों को सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध करवाने का फैसला लिया है। राजस्थान सरकार ने किसानों को ऋण उपलब्ध करवाने के लिए एक जून को सभी जिलों में ग्राम सेवा सहकारी समितियां के माध्यम से किसानों को रहन ऋण वितरण कर इस योजना की शुरुआत भी कर दी है। सरकार की उपज रहन ऋण योजना के तहत किसानों को अपनी उपज को रहन रखकर मात्र 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिल सकेगा। जबकि 7 प्रतिशत ब्याज राज्य सरकार द्वारा कृषक कल्याण कोष से वहन किया जाएगा। पहले राज्य सरकार द्वारा केवल 2 प्रतिशत ब्याज वहन किया जाता था। इस योजना के तहत किसान को अपनी उपज का 70 प्रतिशत तक ऋण मिल सकेगा। इस योजना के लिए प्रतिवर्ष कृषक कल्याण कोष से 50 करोड़ रुपए का अनुदान किसानों को दिया जाएगा। 

 

 

क्या है उपज रहन ऋण योजना

सरकार की उपज रहन ऋण योजना में सहकारी बैंक द्वारा किसानों को सस्ती ब्याज दरों पर लोन उपलब्ध करवाया जाएगा। योजना का संचालन सहकारी बैंक के जरिए किया जा रहा है। किसान अपनी कृषि उपज क्षेत्र के सहकारी समिति के गोदाम में स्टॉक कर सुविधा का लाभ ले सकते हैं। किसानों को स्टॉक की गई उपज की कीमत का 70 प्रतिशत लोन दिया जाएगा, जिसकी ब्याज दर 3 प्रतिशत रहेगी। 

कौनसे किसान होंगे पात्र - इस योजना के तहत जीएसएस या लैम्पस के सभी ऋणी एवं अऋणी किसान सदस्य उपज रहन कर ऋण लेने के पात्र होंगे। 

कितना ऋण मिलेगा - ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सदस्य लघु एवं सीमान्त किसानों को 1.50 लाख रुपए का ऋण मिल सकेगा। वहीं बड़े किसानों को 3 लाख रुपए रहन ऋण के रूप में मिल सकेगा।

 

किसान ऐसे ले सकते हैं इस योजना में ऋण

राजस्थान सरकार की उपज रहन ऋण योजना के तहत पहले किसान को किसान को 90 दिवस की अवधि के लिए यह ऋण दिया जाएगा। विशेष परिस्थितियों में यह सीमा 6 माह तक की जा सकती है। किसान द्वारा निर्धारित समय सीमा में ऋण चुकाने करने पर किसान को ब्याज अनुदान मिलेगा। किसानों की उपज को सुरक्षित करने के लिए इस योजना को ‘अ’ एवं ‘ब’ श्रेणी की उन ग्राम सेवा सहकारी समितियों में क्रियान्वित किया जाएगा जिनका नियमित ऑडिट हो रहा हो, वे लाभ में चल रही हो, एनपीए का स्तर 10 प्रतिशत से कम हो, सरप्लस रिसोर्सेज उपलब्ध हो तथा पूर्णकालिक व्यवस्थापक या सहायक व्यवस्थापक कार्यरत हो।  

 

पात्र सहकारी समितियों का दायरा बढ़ाया

सरकार द्वारा पात्र सहकारी समितियों का दायरा बढ़ाकर 5 हजार 500 से अधिक किया गया है। इससे ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना से लाभान्वित हो सके। भारत में सबसे कम ब्याज दर 3 प्रतिशत पर किसान को रहन ऋण देने की राजस्थान की यह विशेष पहल है। जो किसानों एवं समितियों की आय में वृद्धि करेगी। ये समितियां अधिक से अधिक पात्र किसानों को उपज रहन ऋण देकर उनकी तात्कालिक आवश्यकतों को पूरा करने में मदद करेगी।

 

 

इस योजना से किसानों को यह होगा फायदा

किसान को अपनी वित्तीय आवश्यकता पूरी करने के लिए कई बार व्यापारियों व सूदखोरों से ऋण लेना पड़ता है। किसान की मजबूरी का फायदा उठाकर ये लोग ऊंची ब्याज दर पर ऋण देते हैं जिसे चुकाना किसान के लिए भारी पड़ जाता है और कई बार तो किसान का पूरा पैसा ही ब्याज चुकाने में चला जाता है और मूल रकम वैसी की वैसी बनी रहती है। अब किसान को सस्ती दर पर सरकार की ओर से ऋण सुविधा मिलने पर उन्हें अन्य जगहों से ऊंची ब्याज दर पर ऋण नहीं लेना पड़ेगा। सरकार मूल उद्देश्य किसान को व्यापारियों व सूदखोरों से ऋण लेने से बचना है।

 

मिलेगी फसल की सुरक्षा की गारंटी

इस योजना की खास बात ये है कि इसमें किसान को अपनी फसल सरकार के पास रहन रखने से इसकी सुरक्षा की गारंटी मिलेगी। जिससे इसे मजबूरीवश कम दाम पर फसल नहीं बेचनी पड़ेगी। अधिकतर देखने में आता है कि कई बार किसान अपनी वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए औने-पौने दामों पर अपनी फसल व्यापारियों या बिचौलियों को बेच देते है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। अब कम ब्याज दर पर ऋण मिलने से किसान अपनी वित्तीय आवश्यताएं इससे पूरी कर लेगा और जब बाजार में भाव ऊंचे होने पर सहकारी समितियों के गोदाम में रखी अपनी फसल को बेचकर मुनाफा कमा सकेगा।   

 

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