दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋण पर ब्याज अनुदान योजना की अवधि 3 महीने बढ़ाई

दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋण पर ब्याज अनुदान योजना की अवधि 3 महीने बढ़ाई

Posted On - 28 May 2021

कोरोना काल में राज्य सरकार ने दी किसानों को राहत, लाखों किसानों को फायदा होगा

कोरोना संक्रमण काल को देखते हुए राजस्थान सरकार ने किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है। इससे लाखों किसानों को फायदा होगा। जैसा की हम सभी जानते हैं कि कोराना के दौर में देश के सभी वर्गों के लोगों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह किसानों को भी काफी आर्थिक संकट के दौर से गुजरना पड़ रहा है। इसे देखते हुए राज्य की गहलोत सरकार ने किसानों को आर्थिक रूप से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सवेदनशील निर्णय लिया है। इसके तहत किसानों के लिए दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋण पर ब्याज अनुदान योजना की अवधि को जून 2021 तक के लिए बढ़ा दिया गया है। सरकार ने इसके लिए 9.45 करोड़ रुपए के अतिरिक्त बजट को भी मंजूरी दे दी है। सहकारिता विभाग से प्राप्त इस प्रस्ताव का सीएम ने अनुमोदन कर दिया है। बता दें कि यह योजना पूर्व में 31 मार्च 2021 तक की अवधि के लिए ही घोषित की गई थी। इसके बाद राज्य सरकार ने योजना की अवधि को बढक़ार 30 जून कर दिया है।  

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ऋण पर ब्याज अनुदान योजना की अवधि बढ़ाने के पीछे ये रहा कारण

इस साल मार्च माह में प्रदेश के कई जिलों में भारी अंधड़ आया था। वहीं कई इलाकों में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बर्बाद हो गई थी जिससे कोरोना के कारण काफी किसान इसका फायदा नहीं ले पाए थे। दूसरी तरफ कोरोना वायरस की दूसरी लहर में फैले संक्रमण के कारण बड़ी संख्या में किसान इसका लाभ भी नहीं ले पाये थे। किसानों को इनसे हुए नुकसान को देखते हुए गहलोत सरकार ने दीर्घकालीन कृषि सहकारी ऋण पर ब्याज अनुदान योजना की अवधि बढ़ाया है। योजना को तीन माह का विस्तार देने के फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को राहत मिलेगी। बता दें कि इससे पूर्व भी गहलोत सरकार ने कोरोना काल में किसानों की बढ़ी हुई समस्याओं को देखते हुए कई तरह की रियायतें दी थी, जिनसे किसानों को काफी राहत मिली थी। 


किन-किन कामों के लिए दिया जाता है दीर्घकालीन ऋण

किसानों को कृषि कार्यों के लिए ऋण की आवश्यकता होती है किसानों को यह ऋण सरकार के द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से दिया जाता है। यह ऋण दो तरह के होते हैं जिसमें एक होता है। इसमें पहला अल्पकालीन फसली ऋण होता है, जो खरीफ या रबी फसलों के लिए कृषि आदानों (खाद, बीज) के लिए लिया जाता है और दूसरा ऋण दीर्घकालीन कृषि ऋण होता है, जो किसान कृषि संसधानों जैसे ट्रेक्टर, सिंचाई यंत्र, नलकूप, डेयरी, भूमि सुधार आदि कार्यों के लिए लेते हैं। राजस्थान सरकार ने किसानों के द्वारा लिए गए दीर्घकालीन कृषि ऋण पर 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने की योजना चला रही है जिसमें ऋण जमा करने की अंतिम तिथि को 30 मार्च से बढाकर 30 जून की गई हैं। 

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अल्पकालीन ऋणों को जमा कराने की अवधि भी  30 जून तक

दीर्घकालीन ऋणों की अवधि बढ़ाने के साथ ही अल्पकालीन फसली ऋणों को जमा करने की अंतिम तिथि को भी 30 जून 2021 तक कर दिया गया है। सहकारिता विभाग द्वारा खरीफ सीजन 2020 के लिए वितरित अल्पकालीन फसली ऋणों की जमा करने की अंतिम तिथि को भी 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून, 2021 की जा चुकी है। 


खरीफ सीजन के लिए ऋण वितरण का कार्य शुरू

रबी सीजन पूरा होने केा बाद किसान खरीफ की फसलों की बुवाई करेंगे। इसे ध्यान में रखते हुए राजस्थान सरकार ने किसानों को खरीफ सीजन के लिए ऋण देने की शुरुआत की है जिससे किसानों को बीज, खाद, यूरिया आदि आदान खरीदने में कोई दिक्कत नहीं आए। बता दें कि राजस्थान में राज्य के सहकारी बैंक 1 अप्रैल से ही किसानों को फसली ऋण दे रही है। अभी तक 3.17 लाख किसानों को 971.88 करोड़ रुपए का फसली ऋण दिया जा चुका है। खरीफ मौसम के लिए किसानों को 31 अगस्त तक फसली ऋण दिया जाएगा। इस वर्ष 3 लाख नए किसानों को सहकारिता विभाग से जोड़ा गया है, जिससे नए किसानों को भी शून्य प्रतिशत ब्याज पर फसली ऋण उपलब्ध हो सके।  

 

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