पैन और आधार कार्ड को लिंक करने की समय सीमा अब 30 जून तक बढ़ाई

पैन और आधार कार्ड को लिंक करने की समय सीमा अब 30 जून तक बढ़ाई

Posted On - 02 Apr 2021

जानें, कैसे आप स्वयं घर बैठे पैन और आधार को कर सकते हैं लिंक

सरकार ने बुधवार को पैन कार्ड और आधार कार्ड को खाते से लिंक करने की समय सीमा को बढ़ा दिया है। अब आप 30 जून तक अपने खाते को पैन व आधार से लिंक कर सकते हैं। मीडिया में मिली जानकारी के अनुसार आयकर विभाग ने कहा है कि उसे करदाताओं से यह अनुरोध प्राप्त हुए थे कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए आधार के बारे में सूचना देने और उसे पैन से जोड़े जाने की अंतिम तिथि बढ़ाई जानी चाहिए। 

 

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आधार के साथ पैन को लिंक करने की नई समय सीमा

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक बयान में कहा कि करदाताओं की समस्याओं पर गौर करते हुए, केंद्र सरकार ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर आधार संख्या के बारे में सूचना देने और उसे पैन से जोडऩे की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 जून 2021 कर दी है। बता दें कि आधार के साथ पैन को लिंक करने की समय सीमा 31 मार्च 2021 थी। इस तारीख तक पैन और आधार को लिंक नहीं करने पर पैन निष्क्रिय हो जाता। यही नहीं इसके अलावा आपको जुर्माना भी देना पड़ता। आयकर कानून, 1961 में नया सेक्शन 234एच जोड़ा गया है। इसी के तहत जुर्माने का प्रावधान किया गया है। सरकार ने 23 मार्च को लोकसभा से पारित हुए फाइनेंस बिल 2021 के जरिये ऐसा किया है। लेकिन, समयसीमा बढ़ जाने पर अब जुर्माना नहीं लगेगा।

 


 

पैन और आधार कार्ड को खाते लिंक करने के लिए क्या करें?

अगर आप ऑनलाइन पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करवाना चाहते हैं तो आपको www.incometaxindiaefiling.gov.in की वेबसाइट पर जाना होगा। यहां पर लिंक आधार का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक कर अपना आधार नंबर, पैन नंबर, नाम और कोड भरकर पैन और आधार को लिंक कर सकते हैं। वहीं ऑफलाइन के लिए बैंक जाकर अपने खाते से आधार और पैन कार्ड लिंक करना होगा। इसके लिए बैंक को पैन और आधार की फोटो कॉपी देनी होगी।

 


इन 6 बैंकों के बदलेंगे आईएफएससी कोड

ओरिएंटल बैंक ऑफ इंडिया, यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, सिंडिकेट बैंक, आंध्रा बैंक, कॉरपोरेशन बैंक और इलाहाबाद बैंक के आईएफएससी कोड जल्द बदलेंगे। इन बैंकों के खाताधारकों को तय तारीख से नए आईएफएससी कोड का इस्तेमाल शुरू कर देना चाहिए। उनके फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन फेल या फंसें नहीं, इसके लिए यह जरूरी है। अगस्त 2019 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 10 सरकारी बैंकों का विलय कर चार मेगा बैंक बनाने का ऐलान किया था। बैंकों का यह विलय अप्रैल 2020 से प्रभावी है। इस साल यानी 2021 से विलय कर रहे बैंक के आईएफएससी कोड और एमआईसीआर कोड आगे नहीं चलेंगे। एंकर बैंक (जिस बैंक में दूसरे बैंक का विलय हो रहा है) के कोड इनकी जगह ले लेंगे। विलय कर रहे बैंक के सेविंग्स अकाउंट होल्डर्स को नए आईएफएससी और एमआईसीआर कोडों का ध्यान रखना होगा।


विलय होने वाले बैंकों के आईएफएससी कोड/एमआईसीआर कोड इस तारीख तक रहेंगे मान्य

पीएनबी में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स/यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का विलय हो रहा है। इसलिए विलय होने वाले बैंक इन दोनों बैंकों के आईएफएससी कोड/एमआईसीआर कोड 1 अप्रैल 2021 तक मान्य होंगे। इसी प्रकार यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में आंध्रा बैंक/कॉरपोरेशन बैंक का विलय हो रहा है। इन दोनों बैंकों के आईएफएससी कोड/ एमआईसीआर कोड 1 अप्रैल 2021 तक ही मान्य रहेंगे। इंडियन बैंक में इलाहाबाद बैंक का विलय हो रहा है। इसलिए इलाहाबाद बैंक आईएफएससी कोड/एमआईसीआर कोर्ड 1 मई 2021 तक मान्य रहेगा। केनरा बैंक में सिंडिकेट बैंक का विलय हो रहा है। इसलिए सिंडीकेट बैंक का आईएफएससी कोड/एमआईसीआर कोर्ड 1 जुलाई 2021 तक मान्य होगा। वहीं बैंक ऑफ बड़ौदा में विजया बैंक/देना बैंक का विलय किया गया है। इन बैंकों के आईएफएससी कोड/एमआईसीआर कोड 1 मार्च 2021 तक मान्य रहेंगे। इसके बाद नया आईएफएससी कोड/एमआईसीआर कोड दिया जाएगा।


नहीं घटेंगी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज की दरें

सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कमी करने का फैसला वापस ले लिया है। सरकार ने बुधवार देर शाम यह फैसला लिया था। लेकिन, गुरुवार सुबह इस बारे में वित्त मंत्रालय की तरफ से ट्वीट के जरिए फैसला वापस लेने की जानकारी दी गई। वित्त मंत्रालय के ट्वीट में कहा गया है कि छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें इस वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही की दरें जितनी बनी रहेंगी। मंत्रालय ने यह भी कहा है कि गलती से ब्याज दरों में कमी का आदेश जारी हो गया था। इसे वापस लिया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्विटर अपडेट में कहा है, स्मॉल सेविंग्स स्कीमों की ब्याज दरें उसी दरों पर बनी रहेंगी, जो वित्त वर्ष 2-20-21 की अंतिम तिमाही में थीं। गलती से जारी हुए आदेश को वापस लिया जा रहा है। इस तरह यह लगातार चौथी तिमाही होगी, जब सरकार ने छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। सरकार के फैसले के मुताबिक, नए वित्त वर्ष की पहली तिमाही में पीपीएफ और एनएससी पर ब्याज दर क्रमश: 7.1 फीसदी और 6.8 फीसदी बनी रहेगी। सरकार ने पहले जारी आदेश में पीपीएफ पर ब्याज दर घटाकर 6.4 फीसदी और एनएससी पर घटाकर 5.9 फीसदी कर दी थी। ये दरें 1 अप्रैल से प्रभावी होनी थीं।

 

 

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