अब तीन वर्ष के लिए होगा फसल बीमा, सरकार ने किए महत्वपूर्ण बदलाव

अब तीन वर्ष के लिए होगा फसल बीमा, सरकार ने किए महत्वपूर्ण बदलाव

Posted On - 23 Jul 2020

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में महत्वपूर्ण बदलाव

किसानों को प्राकृतिक आपदाओं जैसे- सूखा, बाढ़, भूस्खलन, बेमौसम बारिश, प्राकृतिक आग और खड़ी फसल के लिए चक्रवात के साथ ही ओलावृष्टि से बचाव के लिए सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चला रखी है। इसमें किसान को बुवाई से लेकर फसल कटाई तक होने वाले नुकसान की भरपाई की जाती है। हाल ही में सरकार ने इस योजना में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए है। इसलिए यदि आप किसान है और अपनी फसल का बीमा कराना चाहते हैं तो आपको इन बदलाव की जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा में किए गए बदलावों के बारे में ताकि आप बिना नुकसान उठाए अपनी फसल का बीमा करवा कर क्षतिपूर्ण प्राप्त कर सकें। 

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

अब किसान की स्वैच्छा से होगा फसल बीमा

पहले प्रत्येक किसान को अपनी फसल बीमा कराना अनिवार्य था। पर अब किसान अपनी स्वैच्छा से बीमा करा सकेंगे। पहले बीमा कराना अनिवार्य होने से बीमा कंपनियों द्वारा किसान के खाते से ओटोमैटिक राशि काट ली जाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। अब किसान चाहे तो अपनी फसल का बीमा कराए और न चाहे तो इस योजना से खुद को अलग कर सकता है। यह व्यवस्था सरकार ने दी है। गौरतलब है कि किसान लंबे समय से इस योजना को स्वैच्छिक करने की मांग कर रहे थे जिसे मोदी सरकार ने मान लिया। 

 

 

पीएम फसल बीमा से खुद को अलग करने के लिए क्या करें किसान 

यदि किसान अपनी फसल का बीमा नहीं कराना चाहता है तो बीमा के लिए तय की गई नामांकन की कट-ऑफ तारीख 31 जुलाई से सात दिन पहले यानी 24 तारीख तक अपने बैंक शाखा को एक घोषणा पत्र देना होगा। इसमें आपकों बताना होगा कि मैं इस योजना में शामिल नहीं होना चाहता हूं। ऐसा करके आप योजना से खुद को अलग कर सकते हैं। ऐसा नहीं करने पर बैंक से सीधे पीएम फसल बीमा योजना का प्रीमियम कट लिया जाएगा। 

 

फसल बीमा योजना में हुए ये तीन महत्वपूर्ण बदलाव

  • योजना को फसल ऋण के साथ ही इसे स्वैच्छिक बनाया गया है।
  • बीमा कंपनियों के लिए अनुबंध की अवधि को एक वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष तक किया गया है।
  • एकल जोखिम के लिए भी बीमा की अनुमति दी गई है। अब किसान अपनी फसलों के लिए अधिक महंगे बहु-जोखिम कारक, जिनमें से कई कारकों के किसी क्षेत्र विशेष में होने की संभावना न के बराबर होती है, के कवर के लिए भुगतान करने की बजाय उन जोखिम कारकों का चयन कर सकते हैं, जिसके लिए वे अपनी फसल का बीमा करवाना चाहते हैं।

 

फसल बीमा में शामिल होने के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • यदि आप पीएम फसल बीमा योजना में शामिल होना चाहते हैं तो आपको निम्नलिखित दस्तावेजों को ले जाना होगा जो इस प्रकार हैं-
  • आवेदक का आधार कार्ड
  • आवेदक की बैंक पासबुक
  • आवेदक का मोबाइल  नंबर
  • भूमि रिकार्ड / किरायेदारी समझौता
  • स्व-घोषणा प्रमाण-पत्र

 

मोबाइल से मिलेगी आवेदन की स्थिति की जानकारी

किसान को इस योजना में आवेदन करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होगा क्योंकि अब इस योजना के तहत नामांकित सभी किसानों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर नियमित एसएमएस के माध्यम से आवेदन की स्थिति के बारे में सूचित किया जाएगा। इससे किसान को इससे संबंधित हर सूचना अपने घर बैठे ही प्राप्त हो जाएगी। 

 

 

किसानों की सुविधा के लिए अधिकारी रहेंगे मौजूद

किसानों के लिए परेशानी मुक्त नामांकन सुनिश्चित करने के लिए, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने बैंकों, बीमा कंपनियों, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएसी), राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति ( एसएलबीसी ) और ग्राम स्तरीय 29,275 अधिकारियों को ट्रेनिंग दिया है। इससे किसानों को फसल बीमा कराने में कोई भी परेशानी आए तो वे इन अधिकारियों से जानकारी व सहायता ले सकेंगे।

 

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