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अंकुर कार्यक्रम : अनूठी पहल, पौधे लगाएं, राज्य सरकार से पुरस्कार पाएं

अंकुर कार्यक्रम : अनूठी पहल, पौधे लगाएं, राज्य सरकार से पुरस्कार पाएं

जानें, क्या है कार्यक्रम में भाग लेने की प्रक्रिया और कैसे होगा विजेताओं का चयन

मध्यप्रदेश में पर्यावरण को शुद्ध रखने के उद्देश्य से अंकुर कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके तहत पौधे लगाने वालों का चयन कर उन्हें प्राणवायु अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। राज्य के द्वारा चलाई गई ये अनूठी पहल वाकई तारीफे काबिल है। इससे यहां हरियाली क्षेत्र में वृद्धि होगी और पर्यावरण भी स्वच्छ होगा और लोगों को भी शुद्ध ऑक्सीजन मिल सकेगी। 

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वायुदूत एप पर कर सकते हैं पंजीयन, ये रहेगी प्रक्रिया

कार्यक्रम में भाग लेने के लिए गूगल प्ले-स्टोर्स से वायुदूत एप डाउनलोड कर पंजीयन करना होगा। भाग लेने वाले व्यक्ति को स्वयं के संसाधन से कम से कम एक पौधा लगाकर, पौधे की फोटो एप के माध्यम से लेकर अपलोड करनी होगी। पौधा लगाने के तीस दिन बाद फिर से पौधे की नई फोटो अपलोड कर सहभागिता प्रमाण-पत्र डाउनलोड किया जा सकेगा। जिलेवार चयनित विजेताओं को प्राणवायु अवार्ड से सम्मानित किया जायेगा, जिसके अंतर्गत मुख्यमंत्री द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान किया जायेगा।


सभी जिलों में नियुक्त किए जाएंगे नोडल अधिकारी

अंकुर कार्यक्रम के लिए शासन द्वारा एपको को नोडल एजेंसी बनाया गया है। कलेक्टर इस कार्य के लिए जिले के वरिष्ठ अधिकारी को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे। जिला नोडल अधिकारी द्वारा आवश्यकतानुसार स्थानीय वेरिफायर का नामांकन कर वायुदूत एप में उनकी प्रविष्टि  की जाएगी।


लाटरी से होगा विजेताओं का चयन

जिले में जन-अभियान परिषद के स्वयंसेवक, महाविद्यालयों के ईको क्लब प्रभारी तथा राष्ट्रीय हरित कोर योजना के मास्टर ट्रेनर में से वेरिफायर नामांकित किए जाएंगे। जिला स्तर पर कुल प्राप्त प्रविष्टियों का 10 प्रतिशत अथवा 200 जो भी कम हो का रेंडम आधार पर जिला स्तर पर वेरीफायर्स से सत्यापन कराया जाएगा। जिला स्तर पर प्राप्त प्रविष्टियों में से लॉटरी द्वारा विजेताओं का चयन किया जाएगा। विजेता सूची वायुदूत एप में अपलोड की जाएगी।


अलिराजपुर में खाद, बीज के लिए जाएंगे नमूने

अलिराजपुर में नकली खाद, बीज बेचने वालों पर लगाम लगाने के लिए कृषि विभाग ने कमर कस ली है। अब क्षेत्र में खाद, बीज बेचने वाली दुकानों से खाद, बीज, के नमूने लिए जाएंगे और मिलावट होने पर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में  उप संचालक कृषि श्री केसी वास्कले ने मीडिया को बताया किसानों को उच्च गुणवत्ता का खाद बीज एवं दवाई उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि आदान  के नमूने ले कर प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजे जाएंगे। नमूने अमानक स्तर के आने पर विक्रेता के विरूद्ध नियमामानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिले में उर्वरक, बीज और दवाई के नमूने लेने हेतु लक्ष्य तय किए गए है। इसमें उर्वरक के 71, बीज के 115 एवं दवाई के 13 नमूने लिये जाने के लक्ष्य तय किए गए है।

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एक लाख 82 हजार हैक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई

श्री वास्कले ने बताया जिले में खरीफ 2021 में 1 लाख 82 हजार 300 हैक्टेयर में बुआई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें धान 53 हजार 500 हैक्टेयर, मक्का 35 हजार 500 हैक्टेयर, ज्वार 4 हजार 500 हैक्टेयर, बाजरा 11 हजार 700 हैक्टेयर, उड़द 48 हजार हैक्टेयर, मूंग 2 हजार हैक्टेयर, अरहर 3 हजार 600 हैक्टेयर, मूंगफली 16 हजार हैक्टेयर, सोयाबीन 32 हजार हैक्टेयर, कपास 19 हजार हैक्टेयर है। उन्होंने  बताया कि जिले में यूरिया खपत का लक्ष्य 20 हजार मी टन एवं उपलब्धता 9 हजार 538 मी टन है। डीएपी 4 हजार मी टन में से उपलब्धता 2 हजार 807 मेट्रिक टन, एसएसपी 8 हजार मी टन एवं उपलब्धता 7 हजार 437 मी टन, काम्पलेक्स, 12: 32 : 16 का लक्ष्य 800 मीट्रिक टन एवं वर्तमान उपलब्धता 381 मीट्रिक टन है। कॉम्प्लेक्स 20:20:0 का लक्ष्य 800 मीट्रिक टन एवं वर्तमान उपलब्धता 381 मीट्रिक टन है।


रायपुर में मेगा फूड पार्क का हुआ वर्चुअल शुभारंभ

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग, कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली की उपस्थिति में पिछले दिनों खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा स्वीकृत इंडस बेस्ट मेगा फूड पार्क (रायपुर) का वर्चुअल शुभारंभ किया। इस पार्क से छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के लोगों को भी फायदा होगा। इससे 5 हजार व्यक्तियों को प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और लगभग 25 हजार किसानों को लाभ होगा। 

समारोह में मुख्य अतिथि केंद्रीय मंत्री तोमर ने कहा कि राज्यों में 41 मेगा फूड पार्क स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 22 मेगा फूड पार्क चालू हो चुके हैं और आज रायपुर में 23वें पार्क का शुभारंभ हुआ है। वहीं छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के हरेक विकासखंड में कम से कम एक फूड पार्क की स्थापना का राज्य सरकार का लक्ष्य है। राज्य सरकार द्वारा वनोपज को संग्रहित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई है। कृषि उपज के संबंध में निजी क्षेत्र ने भी संभावनाओं को परखा है, जिन्हें सभी सुविधाएं सरकार देगी। केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तेली ने कहा कि मेगा फूड पार्क में विकसित अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा व प्रसंस्करण सुविधाओं से न केवल कृषि उत्पादों की बर्बादी कम होगी, बल्कि मूल्यवर्धन भी सुनिश्चित होगा।

 

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