पीएम फसल बीमा योजना : किसानों को ठगने वाली बीमा कंपनियों पर होगी कार्रवाई

पीएम फसल बीमा योजना : किसानों को ठगने वाली बीमा कंपनियों पर होगी कार्रवाई

Posted On - 25 Nov 2021

तत्काल मामला दर्ज करने के दिए निर्देश, बैंकों को भी दी सलाह

पीएम फसल बीमा योजना के तहत फसलों का बीमा करने वाली कंपनियों के प्रति महाराष्ट्र सरकार ने सख्त रूख अपना लिया है। अब फसल बीमा के नाम पर किसानों से ठगी करने वाली बीमा कंपनियों पर कार्रवाई होगी और उनके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा बैंकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत दिए जाने वाले पैसे को नहीं रोके और न ही उस पैसे को ऋण खाते में जमा किया जाए। बता दें कि अभी बीते दिन उप मुख्यमंत्री कार्यालय के कमेटी हॉल में पवार की अध्यक्षता में सोयाबीन-कपास उत्पादकों के विभिन्न मुद्दों को लेकर बैठक हुई, इसी दौरान उन्होंने फर्जी रिकॉर्ड बनाकर किसानों को ठगने वाली फसल बीमा कंपनियों के खिलाफ तत्काल मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।

Buy Used Livestocks

बता दें कि पिछले दिनों किसान नेता रविकांत तुपकर ने डिप्टी सीएम से सोयाबीन और कपास की कीमतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की थी। इसमें उन्होंने कहा कि बेमौसम बारिश से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। फसल बीमा कंपनियां किसानों को धोखा दे रही हैं। कुछ बीमा कंपनियों ने अभी तक किसानों को भुगतान नहीं किया है। ऐसी बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर पवार ने तुपकर को आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार इन मांगों को लेकर सकारात्मक है और किसानों के हित में फैसला करेगी।

सोयाबीन और कपास के मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री से करेंगे मुलाकात

मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार उप मुख्यमंत्री अजित पवार ने कहा है कि महाराष्ट्र सरकार सोयाबीन और कपास उत्पादकों सहित राज्य के सभी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। केंद्र सरकार के दायरे में आने वाले सोयाबीन समेत कपास के मुद्दों पर राज्य सरकार का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। संसद के आगामी सत्र में महा विकास अघाड़ी के सांसद सदन में किसान हित के मुद्दे उठाएंगे। 

महाराष्ट्र में बाढ़-पीडि़तों को सहायता राशि का वितरण जारी

अजीत पवार ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में बाढ़-पीडि़तों के लिए घोषित सहायता राशि का वितरण किया जा रहा है। इसमें अब और तेजी लाई जाएगी। फसल नुकसान पर मिलने वाली राहत राशि का वितरण कार्य जल्दी ही पूरा किया जाएगा। बता दें कि बता दें कि इस साल महाराष्ट्र में जून से अक्टूबर के बीच हुई अत्याधिक भारी बारिश के कारण 55 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसल को नुकसान पहुंचा है।

कई इलाकों में तो किसानों की पूरी-पूरी फसलें बर्बाद हो गई। किसानों हुए नुकसान की भरपाई के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पिछले अक्टूबर के महीने में सहायता राशि जारी की थी। महाराष्ट्र सरकार ने उन किसानों के लिए 10 हजार करोड़ रुपए की सहायता की घोषणा की हुई है जिनकी फसल प्रदेश में भारी बारिश के कारण बर्बाद हुई हैं। घोषणा के अनुसार गैर-सिंचित भूमि पर फसल के नुकसान के लिए किसान को 10 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर तथा सिंचित भूमि पर फसल के नुकसान के लिए 15 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।

अब बैंक नहीं रोक पाएंगे सब्सिडी व वित्तीय सहायता का पैसा

उन्होंने कहा कि बैंक किसी भी परिस्थिति में किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी और वित्तीय सहायता को रोके नहीं। उन्होंने कहा कि विभिन्न योजनाओं की सहायता राशि किसानों के ऋण खाते में जमा न हो इसका निर्देश संबंधित बैंकों को दिया जाएगा। बता दें कि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों को कई योजनाओं के तहत पैसा उनके खातों दिया जाता है। जैसे- पीएम किसान सम्मान निधि योजना, मानधन पेंशन योजना आदि योजनाओं में सरकार की ओर से पैसा दिया जाता है।

COVID Vaccine Process

किसानों को कर्जमाफी का लाभ देने की कोशिश जारी

डिप्टी सीएम पवार ने कहा कि जो किसान कर्जमाफी के पात्र हैं उन्हें इसका लाभ देने की कोशिश जारी है। राज्य सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। किसानों के हितों की अनदेखी नहीं की जाएगी। इसके अलावा डिप्टी सीएम पवार ने नदी किनारे कटी हुई भूमि के सुधार के लिए रोजगार गारंटी योजना के साथ-साथ सीएसआर फंड से सहायता प्रदान करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दिन के दौरान कृषि पंपों को सुचारू और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एक सौर पंप योजना लेकर आई है। इस योजना को और अधिक कुशलता से लागू किया जाना चाहिए। 

सोयाबीन का आयात नहीं करे केंद्र सरकार

केंद्र सरकार की ओर से 16 अगस्त को 12 लाख टन सोयाबीन आयात की अनुमति दी गई थी। इसे लेकर महाराष्ट्र सरकार के कृषि मंत्री दादा भुसे ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सोयाबीन आयात पर रोक लगाने की मांग की थी ताकि सोयाबीन किसानों को लाभ हो सके। बता दें कि इन दिनों सोयाबीन की कीमतें आधी हो गई हैं जबकि कुछ महीने पहले महाराष्ट्र में किसानों को सोयाबीन का भाव 10 हजार रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा था।

 

अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Mahindra Bolero Maxitruck Plus

Quick Links

scroll to top