फल, फूलों व मसालों की खेती के लिए मिलेगा 90 प्रतिशत तक अनुदान

फल, फूलों व मसालों की खेती के लिए मिलेगा 90 प्रतिशत तक अनुदान

Posted On - 01 Dec 2021

जानें, किन किसानों को मिलेगा फायदा और कहां करना होगा आवेदन 

किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र व राज्य सरकारों की ओर से काफी प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो और उनकी आमदनी बढ़ सके। किसानों के लिए चलाई जा रही है इन योजनाओं में एक राष्ट्रीय बागवानी मिशन और मुख्यमंत्री बागवानी योजना भी जिसके तहत किसानों को फल, सब्जी और फूलों की खेती के लिए 90 प्रतिशत तक अनुदान लाभ प्रदान किया जाता है। इस योजना के तहत सरकार की आरे से अलग-अलग कार्य हेतु अलग-अलग सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान कर रखा गया है। इस योजना में किसान को 50 प्रतिशत से लेकर 90 प्रतिशत अनुदान का लाभ प्रदान किया जाता है। 

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क्या है राष्ट्रीय बागवानी मिशन/मुख्यमंत्री बागवानी योजना 

किसानों की आय में वृद्धि करनें के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा वर्ष 2005-06 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन की शुरुआत की गई थी। इस स्कीम के माध्यम से किसानों को बागवानी फसलों के लिए सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। सरकार द्वारा इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए बागवानी फसलों को बढ़ावा देना है। इस योजना के तहत फल, फूलों और मसाला फसलों की खेती के लिए किसानों को अनुदान या सब्सिडी दी जाती है। इसके अलावा सिंचाई, नेट हाउस, भंडारण और तार-बंदी आदि के लिए के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस मिशन के तहत किसानों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में राज्य सरकार का योगदान 35 से 50 प्रतिशत और शेष राशि केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।    

इन फसलों की खेती के लिए कितनी सब्सिडी 

  •    स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, मसाले व सुगंधित पौधे की खेती करने पर 50 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है।
  •    गेंदे के फूल की खेती के लिए 70 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा।
  •    पपीता की खेती करने पर कुल लागत का 75 प्रतिशत अनुदान देने का प्रावधान है।
  •    मिर्च की खेती के लिए 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है।
  •    सब्जी व फल सुरक्षित रखने के लिए प्लास्टिक करैट, लेनी वैग व मशरूम किट लेने पर 90 प्रतिशत का अनुदान दिया जा रहा है।

सब्सिडी के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज 

उपरोक्त घटकों में सब्सिडी के लिए आवेदन के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी। जो इस प्रकार से हैं- 

  • किसान का भू स्वामित्व प्रमाण पत्र
  • स्थाई निवासी प्रमाण पत्र
  • लाभार्थी के पास सिंचाई के साधन के दस्तावेज
  • आधार कार्ड एवं आधार लिंक मोबाइल नंबर
  •  बैंक पास बुक की कॉपी
  • आवेदक की पासपोर्ट साइज फोटो
  • लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र, यदि लागू होता है।  

सब्सिडी का लाभ प्राप्त करने के लिए कहां करें आवेदन 

जो किसान भाई बागवानी फसलों पर सब्सिडी का लाभ प्राप्त करना चाहते हैं वे इसकी अपने अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके आवेदन की प्रक्रिया 23 नवंबर से शुरू हो चुकी है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए किसान भाई अपने जिले के उद्यान विभाग से संपर्क कर सकते हैं। 

इधर मध्यप्रदेश में सब्जी और मसाला फसलों पर दी जा रही है सब्सिडी- 

इधर मध्यप्रदेश में राज्य के किसानों को मसाला विस्तार, सब्जी विस्तार, संरक्षित खेती तथा मधुमक्खी पालन के लिए राज्य के किसानों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे हैं। आवेदन 18 नवंबर 2021 से शुरू हो गए है और लक्ष्य पूरा होने तक आवेदन किया जा सकता है। बता दें कि अधिक आवेदन होने पर लक्ष्य से 10 प्रतिशत अधिक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। किसान भाई सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आवेदन कर सकते हैं। जैसा कि उपरोक्त बताए गए घटकों पर अनुदान हेतु आवेदन उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग मध्य प्रदेश के द्वारा आमंत्रित किए गए हैं। सभी आवेदन ऑनलाइन ही किए जा सकेंगे। किसान भाई आवेदन के लिए ऑनलाइन पंजीयन उद्यानिकी विभाग मध्यप्रदेश फार्मर्स सब्सिडी ट्रैकिंग सिस्टम  https://mpfsts.mp.gov.in/mphd/#/  पर जाकर कर सकते हैं।  
 

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राष्ट्रीय बागवानी मिशन/मुख्यमंत्री बागवानी मिशन से संबंधित महत्वपूर्ण लिंक

राष्ट्रीय बागवानी मिशन -  http://nhb.gov.in/hindi/

आवेदन के लिए लिंक- डायरेक्टेड ऑफ हॉर्टिकल्चर बिहार सरकार - http://horticulture.bihar.gov.in/HORTMIS/Home.aspx#
उद्यानिकी विभाग मध्यप्रदेश सरकार - https://mpfsts.mp.gov.in/mphd/#/

राष्ट्रीय बागवानी मिशन से संबंधित दिशा-निर्देश देखने के लिए लिंक  - https://agriculture.rajasthan.gov.in/content/dam/agriculture/Directorate%20of%20Horticulture/nhmscheme/nhm_guidline_2017_18.pdf   
 

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