कृषि यंत्रों पर सब्सिडी : किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेंगे कृषि यंत्र

कृषि यंत्रों पर सब्सिडी : किसानों को 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मिलेंगे कृषि यंत्र

Posted On - 28 Jan 2022

हरियाणा में 6755 कस्टम हायरिंग सेंटर हुए शुरू, किसानों को होगा लाभ

खेती और बागवानी के कार्यों के लिए अनेक प्रकार के कृषि यंत्रों की आवश्यकता होती है। वर्तमान समय में बिना कृषि यंत्रों के खेती करना मुश्किल होता है। जबकि कृषि यंत्रों की सहायता से ये काम आसान हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से किसानों के लिए कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ किसानों को प्रदान किया जाता है ताकि उन्हें सस्ती दर पर कृषि यंत्र मुहैया कराए जा सकें। इसी क्रम में हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को 50 प्रतिशत तक सब्सिडी पर कृषि यंत्र मुहैया कराने के लिए योजना बनाई गई है। इसके अलावा कस्टम हायरिंग की स्थापना पर राज्य सरकार की ओर से 80 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जा रहा है। आज हम ट्रैक्टर जंक्शन के माध्यम से किसानों को हरियाणा सरकार की कृषि यंत्र योजना और कस्टम हायरिंग सेंटर योजना की जानकारी दे रहे हैं ताकि आप इसका लाभ उठा सकें। 

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क्या है हरियाणा सरकार की कस्टम हायरिंग सेंटर योजना

राज्य सरकार के लगातार प्रयासों से फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत कृषि यंत्र उपलब्ध करवाकर विगत वर्षों में आगजनी की घटनाओं में निरंतर गिरावट दर्ज की गई है। कृषि विभाग द्वारा जिले में धान के अवशेषों में जीरो बर्निंग का लक्ष्य रखा गया है। फसल अवशेष प्रबंधन के लिए विभाग के द्वारा किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर पर 80 प्रतिशत व व्यक्तिगत श्रेणी में 50 प्रतिशत सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाते हैं।

पराली की गांठ / बेल बनाने वाले किसानों को मिलेगी प्रति एकड़ एक हजार रुपए सब्सिडी

किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन करने के प्रति उत्साह व जीरो बर्निंग के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हरियाणा सरकार द्वारा रबी सीजन 2022 में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत पराली की गांठ, बेल बनाने वाले किसानों को एक हजार रुपए प्रति एकड़ या 50 रुपए प्रति क्विंटल जो भी न्यूनतम होगा, प्रोत्साहन राशि के रूप में दिया जाएगा। इसके लिए किसानों को विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in के लिंक पराली की गांठ/बेल के उचित निष्पादन के लिए पंजीकरण करना होगा। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने खंड कृषि अधिकारी या कृषि विकास अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

Subsidy on Agricultural Machinery : हरियाणा में स्थापित किए गए 6755 कस्टम हायरिंग सेंटर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हरियाणा सरकार ने बताया है कि उसने अब तक किसानों की मदद के लिए 6755 कस्टम हायरिंग सेंटर बना लिए हैं। जिससे किसान भाई सस्ते में कृषि यंत्र लेकर खेती कर सकते हैं। खास बात यह है कि इनमें से 31 हजार से अधिक मशीनें पराली मैनेजमेंट करने वाली हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर किसानों को विभिन्न प्रकार की सुविधाएं दे रही है। जिसकी वजह से प्रदेश में न केवल खाद्यान्नों का रिकार्ड उत्पादन हो रहा है बल्कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में भी किसान आगे आ रहे हैं। किसान फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत निरंतर सब्सिडी का लाभ लेकर कृषि उपकरण खरीद रहे हैं।

किस साल में कितने कृषि यंत्रों की हुई खरीद

कृषि मंत्री ने बताया कि किसानों को कृषि से संबंधित यंत्र पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक उपलब्ध करवाए गए हैं। वर्ष 2021-22 के दौरान अब तक 19052 कृषि यंत्र अनुदान पर उपलब्ध करवाए जा चुके हैं, जबकि वर्ष 2018-19 में 10627 यंत्र, वर्ष 2019-20 में 14078 यंत्र तथा वर्ष 2020-21 में 15350 यंत्र उपलब्ध करवाए गए थे।

कृषि मंत्री का दावा, राज्य में पराली जलाना हुआ कम

कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार की प्रतिबद्धता के फलस्वरूप किसानों को कृषि यंत्रों की उपलब्धता के लिए वर्ष 2020-21 में 14 करोड़ रुपए तथा वर्ष 2021-22 में 25 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की गई। जिसका नतीजा यह रहा कि वर्ष 2020 की तुलना में वर्ष 2021 में 30 प्रतिशत फसल अवशेष प्रबंधन अधिक देखने को मिले। किसानों ने खेतों में पराली जलाना किया और विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आगे आ रहे हैं।

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हरियाणा में कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज

कस्टम हायरिंग सेंटर के लिए ग्राम पंचायत व एफपीओ, पंजीकृत किसान समिति का पंजीकरण संख्या, प्रधान का पैन कार्ड, आधार कार्ड, ट्रैक्टर की आरसी का विवरण व बैंक खाता का विवरण आदि जरूरी है। वहीं व्यक्तिगत किसान के मामले में  आवेदन के लिए  ट्रैक्टर आरसी, पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक खाता का विवरण, मेरी फसल मेरा ब्योरा रसीद व अनुसूचित जाति से संबंधित किसानों के लिए जाति प्रमाण पत्र लगाना अनिवार्य है। 

सब्सिडी पर कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने के लिए कहां कर सकते हैं आवेदन

अवशेष प्रबंधन के लिए किसानों को कृषि यंत्र उपलब्ध कराने की योजना 2022-23 के लिए भी चलाई जा सकती है। इसके तहत पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर किसानों को सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाएगा। जैसा कि उपरोक्त सब्सिडी फसल अवशेष के निस्तारण के लिए चलाई जाती है। इसलिए संभवतय: ये योजना अब रबी फसल कटाई सीजन 2022 के लिए अप्रैल 2022 से शुरू की जा सकती है। इस योजना के तहत किसानों को अवशेष प्रबंधन हेतु स्ट्रॉ बेलर यूनिट, सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, पेड्डी स्ट्रॉ चोपर, रोटरी स्लेशर, रिवर्सिबल एमबी प्लो, सुपर सीडर, जीरो टिल सीड ड्रिल, क्रॉप रीपर आदि पर सब्सिडी का लाभ प्रदान किया जाता है। इस तरह किसानों को ये यंत्र सस्ती दर पर उपलब्ध हो जाते हैं।

कस्टम हायरिंग योजना की अधिक जानकारी के लिए कहां करें संपर्क

कस्टम हायरिंंग योजना की अधिक जानकारी के लिए किसान भाई इसकी आधिकारिक वेबसाइट https://www.agriharyanacrm.com/ अथवा टोल फ्री नंबर 1800 180 2117 पर भी संपर्क कर सकते हैं।  

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