जानें आधुनिक हार्वेस्टर की खासियत और लाभ

जानें आधुनिक हार्वेस्टर की खासियत और लाभ

Posted On - 20 Feb 2021

जानें, आधुनिक हार्वेस्टर की खासियत और लाभ?

पहले खेती का काम परंपरागत यंत्रों की सहायता से किया जाता था जिसमें मेहनत और समय अधिक लगता था और काम भी मन माफिक नहीं हो पाता था। इसके अलावा खेती के काम के लिए काफी मजदूरों की भी जरूरत भी पड़ती थी। चूंकी अब बाजार में आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध है तो खेती का काम काफी आसान होता जा रहा है। आधुनिक कृषि यंत्रों की सहायता से श्रम व समय तो बचता ही है साथ ही एक मशीन से कई काम किए जाने से मजदूरों की आवश्यकता नहीं पड़ती जिससे खेती की लागत कम होती है जिससे किसान को फायदा होता है। आज हम इन्हीं आधुनिक यंत्रों की कड़ी में आपको आधुनिक हार्वेस्टर के बारे में बताएंगे कि किस तरह ये कृषि मशीनें आपके खेती के काम को असान तो बनाती ही हैं और साथ ही आके पैसों की बचत भी करती हैं। 

 

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भारतीय खेती के लिए हार्वेस्टर की आवश्यकता

हार्वेस्टर्स भारतीय क्षेत्रों के लिए एकदम सही हैं जो आकार में 0.5 से 10 एकड़ तक हैं। इसके लिए कंबाइन हार्वेस्टर काफी उपयोगी साबित हो रहा है। कंबाइन हार्वेस्टर का उपयोग कई प्रकार की फसलों जैसे गेहूं, मकई, सोयाबीन, जई, चावल आदि को काटने के लिए किया जाता है। खेती के कार्यों के लिए विभिन्न प्रकार की मशीनों का उपयोग करने के बजाय हार्वेस्टर का उपयोग किया जाता है। इस मशीन की सहायता से अनाज एकत्रिकरण, फसल कटाई, दाना एकत्रिकरण, अपशिष्ट पृथक्कीरण व दाना संग्रहण आदि कार्य बड़ी आसानी से हो जाते हैं। यदि इसी काम के लिए मजदूर रखने पड़े तो इसके लिए कम से कम 5 से 10 मजदूरों की आवश्यकता होगी। जबकि एक ही कंबाइन हार्वेस्टर से ये काम सभी काम काफी कम समय व श्रम में पूरा किया जा सकता है। 

 

 

क्या है आधुनिक हार्वेस्टर / कंबाइन हार्वेस्टर और किस काम आता है?

हार्वेस्टर या हार्वेस्टर गठबंधन खेतों में फसलों की प्रभावी ढंग से कटाई के लिए बनाई गई एक अनुकूलनीय मशीन है। रीपिंग, थ्रेसिंग और विनोइंग- इन तीनों ऑपरेशनों को मिलाने के बाद एक मशीन बनाई जाती है जिसका नाम है हारवेस्टर। कंबाइन हारवेस्टर में लगभग सभी गुणों के गुण होते हैं। यह चीर-फाड़, थुलथुल और विनोदी का मिश्रित रूप है। आजकल, हार्वेस्टर भारतीय किसानों में लोकप्रिय हो रहे हैं क्योंकि यह काम को प्रभावी और कुशल बनाता है। 

 

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कैसे कार्य करता है हार्वेस्टर

  • हार्वेस्टर में, एक टैंक होता है जो सभी अनाज एकत्र करता है। 
  • फिर सभी अनाज कंटेनर में स्थानांतरित हो जाते हैं। 
  • कंबाइन हार्वेस्टर के सामने का हिस्सा सभी दानों को कंबाइन में इकट्ठा करता है फिर अपने कटर से वे इसे काटते हैं। 
  • उसके बाद अनाज को कटा हुआ है तो सभी अनाज को एकत्रित टैंक में एकत्र किया जाता है। टैंक में सभी अनाज भरे जाने के बाद, उन्हें ट्रेलर में एक साइड पाइप के माध्यम से स्थानांतरित किया जाता है जिसे अनलोडर कहा जाता है। 
  • जो अपशिष्ट रहता है, वह या तो क्षेत्र में फैल जाता है या भविष्य में उपयोग के लिए रखा जाता है।

 

कैसे करें हार्वेस्टर का चयन

बाजार में दो तरह के हार्वेस्टर उपलब्ध है जिनमें मिनी हार्वेस्टर और कंबाइन हार्वेस्टर। किसान अपनी जरूरत के हिसाब से इन हार्वेस्टरों में से चुनाव कर सकता है। ये दोनों की हार्वेस्टर काफी उपयोगी है। हालांकि अंधिकांशत: छोटे किसान मिनी हार्वेस्टर का चयन करते हैं जबकि बड़े यानि प्रगतिशील किसान कंबाइन हार्वेस्टर को खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। वैसे यह किसान की आश्यकता पर निर्भर करता है कि उसे कौनसा हार्वेस्टर खरीदना चाहिए।

 

हार्वेस्टर पर कितनी मिल सकती है सब्सिडी?

सरकार की ओर से कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाती है इसके लिए समय-समय पर राज्य सरकार की ओर से किसानों से आवेदन मांगे जाते हैं। किसान को उसमें आवेदन करना होता है और इसके बाद ही उसे सब्सिडी का लाभ मिलता है। अब बात करें हार्वेस्टर पर सब्सिडी की तो मध्यप्रदेश की कृषि यंत्र योजना के तहत किसानों को इसे खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है। इसमें सभी वर्ग के लिए सब्सिडी वर्गानुसार अलग-अलग निर्धारित है। अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत तथा समान्य वर्ग के लिए अधिकतम 40 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। इसी प्रकार अन्य राज्यों में वहां की राज्य सरकार की ओर से सब्सिडी की दर निर्धारित की गई है उसी अनुसार किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र प्रदान किए जाते हैं। 

 

भारत में हार्वेस्टरों की कीमत

मिनी हार्वेस्टर - मिनी कंबाइन हार्वेस्टर की कीमत 5 लाख रुपए से शुरू हो जाती है। 

कंबाइन हार्वेस्टर - कंबाइन हार्वेस्टर अपने फीचर्स और स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार 10 लाख रुपए से लेकर 50 लाख रुपए तक की कीमत के हार्वेस्टर बाजार में उपलब्ध है। बता दें कि हार्वेस्टर की इसकी कीमत इसमें लगे कटर बार पर निर्भर करती है। 

 

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इन कंपनियों के हार्वेस्टरों की है बाजार में सबसे अधिक मांग

हार्वेस्टर का निर्माण करने वाली कंपनियों में दशमेश,  हिन्द एग्रो,  क्लास,  प्रीत,  करतार, न्यू हिन्द, केएस गु्रप, एग्रीस्टार, न्यू हॉलैंड, ऐस, लैंडफोर्स, विशाल, जॉन डियर, इंडो फार्म, शक्तिमान, बख्सिश, कुबोटा, महिंद्रा, यानमार कंपनियां प्रमुख है। इन कंपनियों के द्वारा निर्मित हार्वेस्टरों की मांग बाजार में अधिक बनी रहती है। 

 

कहां से खरीदे हार्वेस्टर?

हार्वेस्टर की ऑनलाइन खरीद, फीचर्स, स्पेसिफिकेशन्स और कीमत जानकारी, निकटतम डीलर आदि की जानकारी ट्रैक्टर जंक्शन पर उपलब्ध है। प्रमुख कंपनियों के कंबाइन हार्वेस्टर खरीदने के लिए यहां क्लिक करें।  

 

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