गेहूँ की किस्म एचडी 2967 : बीज पर 500 रुपए का अनुदान

गेहूँ की किस्म एचडी 2967 : बीज पर 500 रुपए का अनुदान

Posted On - 07 Jan 2021

गेहूँ की खेती : सरकार ने प्रमाणित बीज की अनुदान सीमा को रबी 2021-22 तक बढ़ाया

हरियाणा सरकार ने गेहूँ की किस्म एचडी- 2967 की अच्छी उत्पादन क्षमता को देखते हुए इसके प्रमाणिक बीज पर अनुदान सीमा को 2021-22 तक बढ़ा दिया है। अब किसान रबी 2021-22 सत्र में अनुदान पर बीज खरीद सकेंगे। बता दें कि देश में बुआई का रकबा सीमित है इसमें भी सिंचाई क्षेत्र कम है। ऐसे में केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय लगातार कम क्षेत्र में अधिक उत्पादन एवं रोगरोधी किस्मों का विकास किया जा रहा है। किसानों को उन्नत एवं प्रमाणित बीज राज्य सरकारों के द्वारा किसानों को अनुदान पर दिए जाते हैं जिससे सभी किसान इन बीजों कि बुआई कर अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकें। इन्हीं किस्मों में से एचडी- 2967 की प्रगति अच्छी होने से सरकार ने इसके अनुदान की समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है। गेहूँ के बीज पर 500 रुपए क्विंटल की सब्सिडी मिलती है।

 

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एचडी 2967 किस्म अक्टूबर, 2011 में की गई थी अधिसूचित

यह किस्म भारत सरकार द्वारा अक्टूबर, 2011 को अधिसूचित की गई थी। राज्य सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत सरकारी एजेन्सियों द्वारा बेचे जाने वाले गेहूँ के प्रमाणित बीजों पर किसानों को प्रति वर्ष अनुदान प्रदान किया जाता है। यह अनुदान गेहूँ की उन्हीं किस्मों पर दिया जाता है जिन किस्मों की अधिसूचना की सीमा 10 वर्ष से कम हो। गेहूँ की किस्म एच.डी.-2967 अनुदान की समयावधि अक्टूबर, 2021 में समाप्त हो जाएगी। सरकार द्वारा इस किस्म की अच्छी पैदावार को देखते हुए इसके प्रमाणित बीज पर अनुदान की समयसीमा को रबी 2021-22 तक बढ़ाया गया है।

 

गेहूँ की किस्म एच.डी. 2967 की विशेषताएं

  • यह किस्म पंजाब, हरियाणा दिल्ली, राजस्थान (कोटा एवं उदयपुर संभागों के अलावा), पूर्वी उत्तरप्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर के मैदानी क्षेत्र, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, असम व उत्तरी पूर्वी राज्यों के मैदानी क्षेत्रों के लिए अनुमोदित की गई है। यह किस्म वृहत क्षेत्रों में अच्छी उपज देती है।
  • इस किस्म पत्ती झुलसा रोग के प्रति भी अच्छी प्रतिरोधी है। इसकी पकने की अवधि उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों में 143 दिन हैं।
  • इस किस्म की बुवाई से औसत उपज 50.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर और उपज क्षमता 66.1 क्विंटल प्रति हेक्टेयर होती है।
  • इसके अलावा गेहूँ की एचडी 2967 किस्म का तूड़ा अच्छा बनता है। इस किस्म की बढ़वार अधिक होती है, जिससे एक एकड़ फसल में अन्य किस्मों से अधिक तूड़ा निकलता है। बता दें कि तूड़े को सूखे चारे के रूप में प्रयोग किया जाता है। किसान तूड़े को बेच भी सकते हैं। यह काफी महंगा बिकता है।

 

गेहूँ - एचडी 2967 बीज की कीमत क्या है 

गेहूँ की किस्म एचडी- 2967 बीज की कीमत प्रति बैग 940 रुपए है। इसमें एक बैग में 40 किलो बीज होता है।

 

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पीला रतुआ रोग के प्रति अति संवेदनशील है ये किस्म

हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार द्वारा गेहूँ की यह किस्म को पीला रतुआ रोग के प्रति अति संवेदनशील बताया गया है। इस रोग के मुख्यत: लक्षण पत्तों की सतह पर पीले रंग की धारियां दिखाई देना, पाउडरनुमा पीला पदार्थ पत्तो पर होना, शुरू में इस रोग से ग्रस्त खेत में कहीं-कहीं गोलाकार दायरों का दिखना तथा तापमान बढऩे पर पीली धारियों के नीचे की सतह पर काले रंग में बदलाव आना है।


पीला रतुआ रोग से बचाव के लिए करें यह उपाय

पीला रतुआ रोग का उपचार गेहूँ में पीले रतुए रोग के उपचार के लिए किसानों को उक्त लक्षण दिखाई देने पर प्रोपिकोनाजोल 25 प्रतिशत ई.सी. की 200 मिलीलीटर मात्रा को 200 लीटर पानी में मिलाकर प्रति एकड़ छिडक़ाव करना चाहिए। यदि रोग फसल की आरंभिक अवस्था में आ जाए तो पानी की मात्रा कम कर देनी चाहिए। रोग का प्रकोप बढऩे पर दूसरा छिडक़ाव 10-15 दिन के बाद दोहराया जा सकता है।

 

 

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