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बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, सरकार देगी मुआवजा

बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान, सरकार देगी मुआवजा

सर्वे कराने के दिए निर्देश, इन जिलों के किसान होंगे लाभान्वित

उत्तर भारत में पिछले दिनों हुई बेमौसम आंधी-बारिश एवं ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसे देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों की खराब हुई फसलों की वीडियोग्राफी व सर्वे के निर्देश कृषि विभाग को दिए हैं ताकि किसानों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाई जा सके। बता दें कि उत्तर भारतीय राज्यों में 11 मार्च से 13 मार्च के दौरान हुई आंधी-बारिश एवं ओलावृष्टि के चलते किसानों की खेत में खड़ी फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। वहीं कई किसानों की फसलें कटने के बाद खेत में ही रखी थी जो अचानक आई बारिश से खराब हो गई है, इससे किसानों को काफी आर्थिक हानि हुई है।

 

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किसान को मिलेगा फसल में हुए नुकसान का मुआवजा: मुख्यमंत्री

किसानों की फसलों को हो रहे इस नुकसान का आकलन कर राहत देने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि विभाग को निर्देश जारी कर दिए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में कुछ स्थानों पर हुई बेमौसम बारिश को देखते हुए राज्य सरकार ने अधिकारियों को क्षति के आकलन के निर्देश दिए हैं। किसानों को आवश्यकतानुसार फसलों की क्षति के आधार पर जरूरी राहत प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों में हो रही आंधी-बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को जो नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई राज्य सरकार के द्वारा आरबीसी 6(4) के तहत की जाएगी।

 


इन जिलों में वीडियोग्राफी व सर्वे के दिए निर्देश

राज्य के सीहोर, हरदा और देवास एवं अन्य जिलों में तेज बारिश के साथ ओला गिरने की सूचना मिली है इसको लेकर किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने इन जिलों के कलेक्टरों और उपसंचालक कृषि को तत्काल आंधी-तूफान से क्षतिग्रस्त फसलों की वीडियोग्राफी और सर्वे कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। कृषि मंत्री ने कहा है कि राज्य के किसानों को फसल क्षतिपूर्ति की भरपाई के लिए आरबीसी 6(4) के तहत राशि प्रदान की जाएगी।

 


इन किसानों को मिलेगा आरबीसी 6 (4) के तहत मुआवजा

आरबीसी 6(4) के तहत मुआवजा उन किसानों को ही दिया जाएगा जिन्होंने अपनी फसल का बीमा नहीं कराया है। बता दें कि राज्य में अबीमित किसानों कि संख्या बहुत ही ज्यादा है। इस तरह के किसानों के लिए भी सरकार फसल नुकसानी होने पर सहायता राशि देती है। सरकार के राजस्व विभाग के आरबीसी 6(4) के अनुसार सभी फसल के साथ-साथ पशु, मुर्गी, सूअर तथा घर का मुआवजा तय किया हुआ है। फसल को नुकसान होने की दशा में किसानों को आरबीसी 6(4) के तहत मुआवजे की राशि प्रदान की जाती है।


आरबीसी 6 (4) के तहत कितना मिलता है मुआवजा?

जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं कराया हैं उन किसानों को राज्य सरकार की ओर से आरबीसी 6(4) के तहत मुआवजा दिया जाता है। इसमें किसानों को सिंचित फसल का होने पर 30,000 रुपए प्रति हेक्टेयर, सब्जी तथा मसाला फसलों का नुकसान होने पर 30 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर, संतरा तथा अमरुद की नुकसानी पर 500 रुपए प्रति पेड़ एवं नींबू, पपीता, केला फसल की नुकसानी होने पर 13,500 रुपए प्रति हेक्टेयर की दर से किसानों को मुआवजा दिया जाता है।

 

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यदि फसल का बीमा करा रखा है तो यहां दे सूचना

मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का क्रियान्वयन भी किया जा रहा है। ऐसे में जिन किसानों की फसलों का बीमा है वह किसान फसल बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर कॉल करके सूचित कर सकते हैं। मध्यप्रदेश के लिए एग्रीकल्चर इन्सुरेंस कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800-233-7115/1800116515 पर कॉल कर सूचित कर फसलों का सर्वे करवा सकते हैं। किसान इसके अलावा फसल बीमा जिस बैंक से किया गया है उस बैंक में जाकर फसल बीमा के क्षतिपूर्ति का फार्म भरें या अपने यहां के स्थानीय कृषि अधिकारियों को सूचित कर सकते हैं।


किसान कैसे उठा सकते हैं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ?

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने के लिए आपको फसल की बुआई के 10 दिनों के अंदर बीमा योजना का फॉर्म भरना जरूरी होता है। प्रधानमंत्री बीमा योजना के तहत बुवाई से लेकर कटाई तक का जोखिम को कवर किया जाता है। इतना ही नहीं फसल काटने से 14 दिनों के बीच अगर आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है, तब भी आप बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए किसान को 72 घंटे के अंदर फसल खराब होने की सूचना बीमा कंपनी को देनी होती है। इसके बाद फसल बीमा कंपनी द्वारा सर्वे किया जाता है और आंकलन कर नुकसान की भरपाई की जाती है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों तरीके से आवेदन फॉर्म लिए जा सकते हैं।

 

 

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