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रबी फसल की बुवाई ने बनाया रिकार्ड, गेहूं, चना व मसूर के अच्छे उत्पादन का अनुमान

रबी फसल की बुवाई ने बनाया रिकार्ड, गेहूं, चना व मसूर के अच्छे उत्पादन का अनुमान

रबी सीजन : अब तक 675 लाख हैक्टेयर क्षेत्र में बुवाई, पिछले साल से 2.86 फीसदी ज्यादा 

चालू सीजन में रबी की बुवाई ने रिकार्ड बना डाला है। इसे देखते हुए इस साल गेहूं, चना व मसूर के अच्छे उत्पादन का अनुमान है। जानकारी के अनुसार अब तक 675 लाख हैक्टेयर में बुवाई की जा चुकी है। वहीं पिछले साल इसी सीजन में 656.25 लाख हेक्टेयर में बुआई हुई थी। अबकी बार पिछले साल की तुलना में 2.86 फीसदी ज्यादा बुवाई हुई है। यह किसानों और बाजार दोनों के लिए सुखद संकेत है। घरेलू उत्पादन बढऩे से सरकार को भी बाहर से अनाज का निर्यात नहीं करना पड़ेगा और आम जनता को भी उचित कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध हो सकेगा। उत्पादन अधिक होने से बाजार कीमतें भी स्थिर रहने का अनुमान है।


गेहूं की बुवाई इस साल तुलना में 3.13 फीसदी ज्यादा

कृषि मंत्रालय के अनुसार, रबी की प्रमुख फसल गेहूं की बुआई चालू रबी में बढक़र 345.14 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। यह पिछले साल के मुकाबले 3.13 फीसदी ज्यादा है. पिछले साल की समान अवधि में 334.68 लाख हेक्टेयर में इसकी बुआई हुई थी। बता दें कि देश में कुल 16 राज्यों में गेहूं उत्पादन होता है। देश गेहूं का सर्वाधिक उत्पादक राज्यों में हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और बिहार शामिल हैं। कुल उत्पादन की बात की जाए तो हरियाणा चौथे नंबर पर आता है। जबकि प्रति हेक्टेयर गेहूं उत्पादन में पंजाब के बाद दूसरा स्थान है। वहीं सबसे कम गेहूं उत्पादन वाले राज्यों में असम व उड़ीसा शामिल है। यहां आंशिक ही गेहूं होता है।

 

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दलहनी फसलों में चना व मसूर की बुवाई अधिक

गेहूं के साथ ही दलहन एवं तिलहन की बुवाई में भी बढ़ोतरी हुई है। इस सीजन में दालों की बुआई बढक़र चालू रबी में 165.34 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 161.13 लाख हेक्टेयर में ही दालों की बुआई हुई थी। दलहन की प्रमुख फसल चना की बुआई 110.98 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक केवल 106.52 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। अन्य दालों में मसूर की बुआई 16.53 लाख हेक्टेयर में, मटर की 10.64 लाख हेक्टेयर में और उड़द की 7.90 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। पिछले रबी सीजन की समान अवधि में इनकी बुआई क्रमश: 16.10 लाख हेक्टेयर में, 10.93 लाख हेक्टेयर और 7.32 लाख हेक्टेयर में हुई थी। मूंग की बुआई चालू रबी में 5.87 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जो पिछले साल की इस अवधि के 6.17 लाख हेक्टयेर से ज्यादा है।


सरसों की बुआई बढ़ी, मूंगफली व अलसी की घटी

तिलहनी फसलों की बुआई चालू रबी में बढक़र 83.60 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई केवल 79.36 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई थी। रबी तिलहन की प्रमुख फसल सरसों की बुआई बढक़र चालू रबी में 73.89 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है, जबकि पिछले साल इस समय तक इसकी बुआई केवल 68.84 लाख हेक्टेयर में ही हुई थी। मूंगफली की बुआई 4.57 लाख हेक्टेयर में और अलसी की 2.90 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है जबकि पिछले साल इस समय तक क्रमश: 4.65 और 3.34 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी।

 

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मक्का और जौ की बुआई में आई कमी

मोटे अनाजों की बुआई चालू रबी सीजन में घटकर 50.97 लाख हेक्टेयर में ही हो पाई है, जबकि पिछले साल इस समय तक 55.09 लाख हेक्टेयर में ही चुकी थी। मोटे अनाजों में ज्वार की बुआई 26.83 लाख हेक्टयेर में ही हुई है, जो पिछले साल की समान अवधि के 29.87 लाख हेक्टेयर से कम है। इसी प्रकार मक्का की बुआई 16.61 लाख हेक्टेयर में और जौ की बुआई चालू रबी में 6.84 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है। जबकि पिछले साल इस समय तक इनकी बुआई क्रमश: 16.96 और 7.68 लाख हेक्टेयर में हुई थी। धान की रोपाई चालू रबी में पिछले साल के 25.99 लाख हेक्टेयर से बढक़र 29.94 लाख हेक्टेयर में हो चुकी है।


इन राज्यों में एमएसपी पर धान व कपास की खरीद जारी

खरीफ 2020-21 के लिए एमएसपी पर धान की खरीद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में सुचारू रूप से जारी है। महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में 25 जनवरी तक 587.57 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद हुई। यह 488.49 लाख मीट्रिक टन के पिछले वर्ष की खरीद के मुकाबले 20.28 प्रतिशत की वृद्धि है। 587.57 लाख मीट्रिक टन की कुल खरीद में से, पंजाब ने अकेले 202.77 लाख मीट्रिक टन का योगदान दिया है जो कुल खरीद का 34.51 प्रतिशत है। लगभग 84.71 लाख किसान पहले ही 110934.02 करोड़ रुपये के एमएसपी मूल्य के साथ चल रहे केएमएस खरीद कार्यों से लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों में एमएसपी के तहत बीज कपास (कापस) की खरीद कार्य सुचारू रूप से चल रहा है।

 

 

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