• Home
  • News
  • Agriculture News
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : बिहार में अब 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : बिहार में अब 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : बिहार में अब 31 मई तक होगी गेहूं की खरीद

जानें, एमएसपी पर कितना गेहूं बेच सकेगा एक किसान और क्या देने होंगे दस्तावेज

बिहार में गेहूं खरीद का कार्य जारी है और किसान खरीद केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की फसल बेच रहे हैं। इस बार राज्य में हुई गेहूं के अच्छे उत्पादन को देखते हुए बिहार सरकार ने गेहूं खरीदी के लक्ष्य को भी बढ़ा दिया है। राज्य सरकार का मानना है कि इससे अधिक से अधिक किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी गेहूं की फसल बेच पाएंगे जिससे उन्हें फायदा होगा। बिहार में चल रही गेहूं की सरकारी खरीदी को लेकर बीते दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में वर्ष 2020-21 के रबी सीजन में किए जा रहे गेहूं खरीद को लेकर कई बड़े निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा की प्रदेश में गेहूं का उत्पादन इस वर्ष अच्छा हुआ है, इसलिए गेहूं की ज्यादा से ज्यादा सरकारी खरीदी की जाए। पैक्स के माध्यम से किए जा रहे गेहूं की खरीदी की डेट बढ़ाने तथा गेहूं खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने का भी निर्देश दिए गए। निर्देशों के अनुसार अब बिहार में 31 मई तक गेहूं की सरकारी खरीद की जाएगी ताकि राज्य के ज्यादा से ज्यादा किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त कर सके। 

AdBuy Used Tractor

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1


राज्य में गेहूं खरीदी के लक्ष्य को किया 7 लाख मीट्रिक टन

राज्य में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पहले 1 लाख टन का लक्ष्य रखा गया था जिसे अब बढक़र 7 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। इस बढ़े हुए लक्ष्य से राज्य के किसानों को ज्यादा से जायदा लाभ मिलेगा। केंद्रीय कृषि मंत्रालय के मुताबिक पिछले साल देश के 43,35,972 किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बिक्री का फायदा मिला। जिसमें से बिहार के सिर्फ 1002 किसान शामिल थे। जबकि यहां किसानों की संख्या 1.64 करोड़ है। इसके कुल उत्पादन में बिहार का शेयर 6.2 फीसदी है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सरकार ने नाम मात्र की खरीद की थी। इससे पहले 2020-21 में बिहार सरकार ने महज 0.05 लाख मिट्रिक टन गेहूं खरीदा था। वहीं 2019-20 में 0.03 लाख मिट्रिक टन की खरीद हुई थी। बात करें पिछले पांच साल ( 2016-17 से 2020-21) में एमएसपी पर कुल 2,85,071 करोड़ रुपए का गेहूं खरीदा गया जो यहां के किसानों की संख्या को देखते हुए बहुत कम था। इस बार भी रबी मार्केटिंग सीजन 2021-22 में केंद्र के 427 लाख मिट्रिक टन गेहूं खरीद के टारगेट में बिहार सरकार ने सिर्फ 1 लाख मिट्रिक टन गेहूं ही खरीदने का लक्ष्य रखा गया था। अब चूंकि मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में इस लक्ष्य को बढ़ाकर 7 लाख मीट्रिक टन कर दिया है जो यहां के किसानों के लिए अच्छी खबर है। इससे इस बार राज्य के अधिक से अधिक किसानों को फायदा मिल सकेगा। 


एक किसान अधिकतम कितना गेहूं बेच सकता है ? 

बिहार में गेहूं बेचने के लिए प्रति किसान सीमा तय की गई है। इस तय सीमा के तहत ही किसान गेहूं को पैक्स में बेच सकते हैं। जिस किसान के पास खुद की भूमि है और वह अपनी भूमि पर गेहूं की खेती कर रहे हैं तो वैसे किसान पैक्स के माध्यम से 150 क्विंटल गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं। जबकि लीज या बटाई पर खेती करने वाले किसान पैक्स के माध्यम से 50 क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेच सकते हैं।


इस बार राज्य में कितने केंद्रों पर हो रही है गेहूं की खरीद

राज्य के सभी जिलों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी सरकारी एजेंसियों के द्वारा की जा रही है। पैक्स ने इस वर्ष गेहूं खरीदी के लिए 6400 खरीदी केंद्र बनाएं हैं। इन सभी खरीदी केन्द्रों पर 20 अप्रैल से गेहूं की खरीदी का कार्य किया जा रहा है। इन केंद्रों पर जाकर किसान एमएसपी पर गेहूं का विक्रय कर सकते हैं। 

AdBuy New Tractor


गेहूं विक्रय करने वाले किसानों को देने होंगे ये दस्तावेज

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पैक्स के माध्यम से गेहूं बेचने के लिए राज्य सरकार ने किसानों के लिए कुछ दस्तावेज मांगे हैं। किसान को गेहूं बेचने के लिए यह सभी दस्तावेज साथ लेकर जाना होगा। इसमें फोटो पहचान पत्र (आधार कार्ड / वोटर पहचान पत्र) बैंक पास बुक की छाया प्रति भूमि संबंधित दस्तावेज किसानों को अपने साथ लेकर आने होंगे। इनके अभाव में किसान से गेहूं की खरीद नहीं हो पाएगी।


किसी भी समस्या के लिए किसान यहां कर सकते हैं कॉल

बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए दो हेल्पलाइन नंबर जारी किए है। किसान गेहूं की सरकारी खरीद की जानकारी एवं समस्या के समाधान के लिए इन नंबर पर कॉल कर सकते हैं। ये नंबर इस प्रकार से हैं- 0612-2200693 और 1800-345-6290 .

 

अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Top Agriculture News

पशुपालन : बारिश में पशुओं का गलघोटू और एकटंगिया रोग बढ़ा सकता है परेशानी

पशुपालन : बारिश में पशुओं का गलघोटू और एकटंगिया रोग बढ़ा सकता है परेशानी

पशुपालन : बारिश में पशुओं का गलघोटू और एकटंगिया रोग बढ़ा सकता है परेशानी (Animal husbandry in the rain the disease of the animals can increase the trouble), जानें, क्या है गलघोटू व एकटंगिया रोग

एमएसपी : गेहूं खरीदी की तिथि बढ़ाई, अब किसान 22 जून तक बेच सकेंगे अपनी उपज

एमएसपी : गेहूं खरीदी की तिथि बढ़ाई, अब किसान 22 जून तक बेच सकेंगे अपनी उपज

एमएसपी : गेहूं खरीदी की तिथि बढ़ाई, अब किसान 22 जून तक बेच सकेंगे अपनी उपज (MSP: Wheat procurement date extended, now farmers will be able to sell their produce till June 22),

चावल की चार नई किस्में विकसित, कम पानी में देंगी बेहतर उत्पादन

चावल की चार नई किस्में विकसित, कम पानी में देंगी बेहतर उत्पादन

चावल की चार नई किस्में विकसित, कम पानी में देंगी बेहतर उत्पादन (Four new varieties of rice developed, will give better production in less water), जानें, इन नई चार किस्मों की खासियत और लाभ

ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिए पंजीयन एवं सत्यापन की तिथि बढ़ाई

ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिए पंजीयन एवं सत्यापन की तिथि बढ़ाई

ग्रीष्मकालीन मूंग एवं उड़द के उपार्जन के लिए पंजीयन एवं सत्यापन की तिथि बढ़ाई (Extended the date of registration and verification for the procurement of summer moong and urad)

close Icon

Find Your Right Tractor and Implements

New Tractors

Used Tractors

Implements

Certified Dealer Buy Used Tractor