समर्थन मूल्य पर खरीद : चना और सरसों की एसएसपी पर खरीद की तिथि बढ़ाई

Published - 11 Jun 2021

समर्थन मूल्य पर खरीद : चना और सरसों की एसएसपी पर खरीद की तिथि बढ़ाई

अब इस राज्य में किसान 29 जून तक बेच सकेंगे चना और सरसों

देश के कई राज्यों रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जारी है। सरकार की ओर से किसानों से गेहूं, चना, सरसों आदि की खरीद सरकारी दर पर की जा रही है, लेकिन इस बार किसानों को बाजार में चना और सरसों ऊंचे दाम मिल रहे हैं जिससे किसान सरकारी केंद्रों पर अपनी चना और सरसों की फसल बेचने में रूचि नहीं दिखा रहे हैं जिससे इस बार चना और सरसों का उपार्जन कम हो रहा है। ऐसे में कई किसान है जिन्होंने अपनी चना और सरसों की फसल समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए पंजीकरण तो करा लिया है पर उसे बेचने के लिए खरीद केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे हैं। इसे देखते हुए राजस्थान सरकार ने किसानों को समर्थन मूल्य पर चना और सरसों की खरीद एवं पंजीकरण की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 29 जून कर दिया है। अब किसान 29 जून तक अपनी चना और सरसों की फसल सरकारी खरीद केंद्रों पर बेच सकते हैं। 

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चना तथा सरसों का तय न्यूनतम समर्थन मूल्य

केंद्र सरकार प्रति वर्ष 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करता है। केंद्र सरकार के द्वारा घोषित मूल्य देश के सभी राज्यों के लिए एक समान है। इसके  अनुसार इस साल चना का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5100 रुपए / क्विंटल तथा सरसों का समर्थन मूल्य 4650 रुपए / क्विंटल तय किया गया है।


एमएसपी पर चना एवं सरसों बेचने के इच्छुक किसान कहां कराएं पंजीकरण

किसान अपनी तहसील के अंतर्गत आने वाले ई-मित्र केंद्र पर जाकर फसल का पंजीकरण करवा सकते हैं। एक जनआधार कार्ड पर एक ही पंजीकरण मान्य होगा। एक मोबाइल नंबर पर एक ही पंजीकरण दर्ज करवाया जा सकेगा अर्थात् प्रत्येक पंजीकरण में अलग-अलग मोबाइल नंबर दर्ज होंगे, जिसमें किसान सरसों-चना के पंजीकरण दर्ज करवा सकेगा। सभी ई-मित्र जिस क्षेत्र में किसान की कृषि भूमि है उसी तहसील के कार्य क्षेत्र में आने वाले क्रय केंद्र का चयन कर पंजीकरण कर सकेंगें, यदि कृषक/ई-मित्र द्वारा गलत तहसील भरकर पंजीकरण कराया जाता है तो ऐसे किसानों से जिन्स क्रय करना संभव नहीं होगा। अत: किसान पंजीकरण के समय उपरोक्त बातों को ध्यान में रखकर पूर्ण सावधानीपूर्वक पंजीकरण कराएं।


पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना व सरसों बेचने के इच्छुक किसानों को पंजीकरण कराते समय निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार से हैं-

  • पी-35 फसल गिरदावरी 
  • जन आधार कार्ड
  • बैंक खाता पास बुक
  • आधार कार्ड कॉपी


यदि दी गई डेट पर किसान उपज न बेच पाएं हो तो क्या करें?

राज्य के सहकारिता मंत्री श्री आंजना ने कहा कि ऐसे किसान जिनको चना विक्रय के लिए दिनांक आवंटित कर दी गई थी, परन्तु वे अपना चना विक्रय नहीं कर पाए है तो ऐसे किसानों के आवेदन प्राप्त होने पर उन्हें पुन: चना तुलाई का अवसर भी दिया जा रहा है। ऐसे किसान जिनकी चना तुलाई की दिनांक निकल गई है वे संबंधित क्रय केंद्र पर चना तुलाई के लिए अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। उन किसानों से राजफेड द्वारा नियमानुसार चना की खरीदी की जाएगी।


राजस्थान में 2021 में सरसों व चना की एमएसपी पर कितनी खरीद का लक्ष्य

राजस्थान सरकार की ओर से 1 अप्रैल से सरसों के 651 तथा चने के 651 केंदों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य पर शुरू हुई खरीदी अब 29 जून तक की जाएगी। इस बार सहकारिता विभाग नेचना की 6 लाख 14 हजार 900 मीट्रिक टन और सरसों की 12 लाख 22 हजार 775 मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है।

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अभी तक कितने किसानों ने कराया पंजीकरण

राजस्थान में चना बेचने के लिए कुल 80,732 किसानों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 80,719 किसानों को चना बेचने के लिए दिनांक आवंटित कर दी गई है। इसमें से मात्र 2,639 किसानों ने ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर चना बेचा है। अगर राज्य के किसी किसान ने अभी तक पंजीयन नहीं कराया है तो वह किसान अभी भी पंजीयन करवा कर अपनी उपज बेच सकते हैं। वहीं सरसों की खरीद भी कम हुई है। 


अब तक कितनी हुई चना और सरसों की एमएसपी पर खरीद

सरकारी खरीद शुरू होने के दो माह से अधिक समय गुजर जाने के बाद भी एक भी पंजीकृत किसान ने अपनी सरसों की फसल समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद केंद्र पर नहीं बेची है। हालांकि कुछ किसानों ने चने की 4196.17 मीट्रिक टन उपज एमएसपी पर बेची लेकिन यह भी निर्धारित लक्ष्य से बहुत ही कम है।


किसानों द्वारा एमएसपी पर सरसों नहीं बेचने के पीछे कारण

इस वर्ष भारत सरकार द्वारा सरसों का समर्थन मूल्य 4650 रु. प्रति क्विंटल घोषित किया हुआ है। जबकि विभिन्न मंडियों में सरसों समर्थन मूल्य दर से ऊपर लगभग 7200 रु. प्रति क्विंटल तक बिक रहा है। राज्य में सरसों के बाजार भाव समर्थन मूल्य दर से अधिक होने के कारण किसानों को सरसों का अधिक लाभकारी मूल्य प्राप्त हो रहा है। इससे किसान अपनी सरसों सरकारी दर पर बेचने को तैयार नहीं है।


किसान समस्या समाधान के लिए यहां कर सकते हैं संपर्क

किसान भाई किसी भी प्रकार की पूछताछ करने ले लिए समर्थन मूल्य खरीद योजना राजस्थान टोल फ्री नंबर 011-43527462 या 18001801551 पर कार्यालय समय पर कॉल कर संपर्क कर सकते हैं।  

 

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