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न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : सरकार ने खरीदा 80 हजार करोड़ रुपए का गेहूं

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : सरकार ने खरीदा 80 हजार करोड़ रुपए का गेहूं

43.55 लाख किसानों को पहुंचा फायदा, जानें, अब तक कितनी हुई गेहूं सहित अन्य फसलों की खरीद

देश भर रबी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद जारी है। अब तक देश भर के राज्यों में कुल 80 हजार करोड़ रुपए का गेहूं समर्थन मूल्य पर खरीदा गया है। इससे देश के 43.55 लाख किसानों को पहुंचा फायदा पहुंचा है। गेहूं के अलावा अन्य फसलों की खरीद भी की जा रही है। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार इस रबी विपणन सत्र (आरएमएस) 2021-22 के दौरान उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद लगातार जारी है। इससे किसानों को काफी लाभ मिल रहा है। अभी तक कुल 80,334.56 करोड़ रुपए की एमएसपी कीमत पर गेहूं की खरीद हुई है। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अभी तक (30 मई 2021 तक) 406.76 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी जा चुकी है जो कि अभी तक की अधिकतम रिकॉर्ड खरीद है। पिछले वर्ष 360.28 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। जबकि अगर पिछले अधिकतम रिकॉर्ड खरीद की बात करें तो यह 389.92 लाख मीट्रिक टन था। इस वर्ष 43.55 लाख किसानों को अभी तक इस गेहूं खरीद का फायदा पहुंचा है।

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42.7 मिलियन टन गेहूं खरीदी का है लक्ष्य

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 2021 देश के अलग-अलग राज्यों में रबी विपणन सत्र 2021-22 के लिए रबी फसलों की खरीद की जा रही है। इसमें गेहूं की इस वर्ष रिकॉर्ड खरीद की गई है। इस वर्ष केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी का लक्ष्य 42.7 मिलियन टन रखा है। जिस तरह से गेहूं की रिकॉर्ड खरीद हो रही है उससे लगता है कि सरकार शीघ्र ही तय लक्ष्य को पूरा कर लेगी।


इन राज्यों में चल रही है गेहूं की खरीद

रबी विपणन स्तर आरएमएस 2021-22 के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर इस समय गेहूं की खरीदी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू कश्मीर राज्यों में सुचारू रूप से चल रही है। अब तक (01/06/2021 तक) 409.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की गई है, जो कि अब तक की खरीद का सबसे उच्च स्तर 389.92 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के आंकड़े को पार कर गई है। मौजूदा समय में 44.12 लाख किसानों ने गेहूं की बिक्री न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की है जिसके बदले में उन्हें अभी तक 80,936.19 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।  


इस बार पंजाब में सबसे अधिक हुई गेहूं की खरीद

राज्यवार अभी तक कुल की गेहूं खरीद अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर 409.80 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। इस बार पंजाब मध्यप्रदेश को पीछे करते हुए गेहूं खरीदी में आगे हो गया है। राज्यों के अनुसार गेहूं की खरीदी इस प्रकार हुआ है-

 

क्र.सं. राज्य कुल खरीद
1. पंजाब 132.1 लाख मीट्रिक टन 
2. मध्य प्रदेश 128.08 लाख मीट्रिक टन
3. हरियाणा 84.93 लाख मीट्रिक टन
4. उत्तर प्रदेश 40.87 लाख मीट्रिक टन
5. राजस्थान 19.53 लाख मीट्रिक टन
6. अन्य राज्य 4.29 लाख मीट्रिक टन

 

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पंजाब और हरियाणा में तय लक्ष्य से ज्यादा हुई गेहूं की खरीद

इस बार पंजाब तथा हरियाणा राज्य ने लक्ष्य से ज्यादा खरीदी की गई है। पंजाब राज्य के लिए लक्ष्य 130 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य था जबकि 1 जून तक 132.1 लाख मीट्रिक टन की खरीदी कर चुकी है। इसके साथ ही हरियाणा में गेहूं खरीदी का लक्ष्य 80 लाख मीट्रिक टन का था जबकि 1 जून तक 84.93 लाख मीट्रिक टन की खरीदी कर चुका है। इसके बाद मध्यप्रदेश में गेहूं की अधिक खरीद हुई है। 


राज्यवार गेहूं खरीदी का लक्ष्य

वित्तीय वर्ष 2020-21 के रबी सीजन का गेहूं खरीदी का लक्ष्य 42.7 मिलियन टन का है। वर्ष 2020-21 के रबी फसल की खरीदी वर्ष 2019-20 की सरकारी खरीदी से 9.5 प्रतिशत ज्यादा का है। इसमें अलग-अलग राज्यों के लिए अलग-अलग लक्ष्य रखा गया है। पंजाब तथा हरियाणा राज्य ने लक्ष्य से ज्यादा खरीदी की गई है। पंजाब राज्य के लिए लक्ष्य 130 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य था जबकि 1 जून तक 132.1 लाख मीट्रिक टन की खरीदी कर चुकी है। इसके साथ ही हरियाणा में गेहूं खरीदी का लक्ष्य 80 लाख मीट्रिक टन का था जबकि 1 जून तक 84.93 लाख मीट्रिक टन की खरीदी कर चुका है। वहीं मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी का लक्ष्य 135 लाख मीट्रिक टन और उत्तर प्रदेश 55 लाख मीट्रिक टन है। यहां गेहूं की खरीद अभी जारी है। 


पिछले वर्ष इन राज्यों ने कितनी की थी एमएसपी पर खरीद

पिछले वित्तीय वर्ष 2020-21 के रबी सीजन में गेहूं की खरीदी 39 मिलियन टन थी। इससे इससे देश 43.3 लाख किसानों ने अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचा था। इसमें मध्य प्रदेश के 15.9 लाख किसानों ने 129 लाख मीट्रिक टन, पंजाब के 10.5 लाख किसानों ने 127 लाख मीट्रिक टन गेहूं बेचा था। जबकि राजस्थान के 2.2 लाख किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ प्राप्त हुआ था।


अभी तक 787.87 लाख टन हुई धान की खरीद

खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारु रूप से चल रही है। कई राज्यों से 30 मई 2021 तक 787.87 लाख मीट्रिक टन धान (जिसमें 706.62 लाख मीट्रिक टन खरीफ फसल और 81.25 लाख मीट्रिक टन रबी फसल की खरीद शामिल है) की खरीद हो चुकी है। पिछले वर्ष यह खरीद 721.25 लाख मीट्रिक टन थी। खरीफ फसल खरीद की इस प्रक्रिया में अभी तक 117.04 लाख किसानों को फायदा पहुंच चुका है जहां 1,48,750.89 करोड़ रुपए की एमएसपी कीमत की खरीद हो चुकी है। खरीफ फसल खरीद में धान की खरीद भी अपने अधिकतम स्तर को पार कर चुकी है जिसने अपने पिछले अधिकतम रिकॉर्ड (773.45 लाख मीट्रिक टन) को तोड़ा है। यह रिकॉर्ड 2019-20 सीजन का है।


7 लाख टन दालों और तिलहनों की खरीद

इसके अलावा राज्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के आधार पर 107.81 लाख मीट्रिक टन दालों और तिलहनों की खरीद की मंजूरी भी खरीफ मार्केटिंग सीजन 2020-21, रबी विपणन  सत्र 2021 और ग्रीष्म सत्र 2021 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना, गुजरात, हरियाणा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश को दी जा चुकी है। 30 मई 2021 तक सरकार ने नोडल एजेंसियों के माध्यम से खरीफ 2020-21 और रबी 2021 के दौरान 7,14,695.80 लाख मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तूड़, चना, मसूर, मूंगफली, सरसों और सोयाबीन की 3,741.39 करोड़ रुपए की एमएसपी मूल्य की खरीद की है जिससे तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, हरियाणा और राजस्थान के 4,25,586 किसानों को लाभ पहुंचा है।

 

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