सरसों का बंपर उत्पादन : सरकारी एजेंसियों से बाजार भाव पर सरसों खरीदने की मांग

सरसों का बंपर उत्पादन : सरकारी एजेंसियों से बाजार भाव पर सरसों खरीदने की मांग

Posted On - 23 Mar 2021

जानें, प्रमुख मंडियों में सरसों के क्या चल रहे हैं भाव?

इस बार सरसों के बंपर उत्पादन का अनुमान लगाया जा रहा है। इसे लेकर किसान और व्यापारी दोनों उत्साहित हैं। व्यापारी चाहते हैं कि सरकार देश में तिलहन फसलों की खेती को बढ़ावा दे ताकि विदेशों से तेल आयात की हमारी निर्भरता कम हो सके। साथ ही व्यापारियों ने सरकार से सरसों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सरकारी एजेंसियों के माध्यम से मौजूदा बाजार रेट पर किसानों से सरसों की खरीद की मांग भी की है ताकि किसानों की रूचि सरसों की खेती में बढ़े जिसका फायदा देश को हो सके। मीडिया में प्रकाशित खबरों के हवाले से रबी सत्र की प्रमुख तिलहन फसल सरसों का उत्पादन इस बार करीब 90 लाख टन रहने का अनुमान लगाया गया है। खाद्य तेल उद्योग ने तिलहन क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किसानों और तेल उद्योग को समर्थन देने की गुहार लगाई है। तेल उद्योग एवं व्यापार संगठन सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड (सीओओआईटी) के बैनर तेल रविवार को यहां आयोजित 41वीं रबी सेमिनार में सरसों उत्पादन का यह अनुमान व्यक्त किया गया।

 

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इस साल सरसों का किस राज्य में कितना उत्पादन?

इसके मुताबिक राजस्थान में सबसे अधिक 35 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 15 लाख टन, पंजाब, हरियाणा में 10.5 लाख टन, मध्य प्रदेश में 10 लाख, पश्चिम बंगाल में पांच लाख और गुजरात में चार लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान व्यक्त किया गया। इसके अलावा दस लाख टन अन्य राज्यों में होने का अनुमान है। कुल मिलाकर 89.50 लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान व्यक्त किया गया। पिछले साल 72 से 75 लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान है।

 


सरकारी एजेंसियां मौजूदा बाजार भाव पर करें सरसों की खरीद

सीओओआईटी ने सरसों की खेती को प्रोत्साहन देने के लिये सरकारी खरीद करने वाली एजेंसियों नैफेड और हाफेड से मौजूदा बाजार भाव पर सरसों की खरीद करने की मांग की है। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि एजेंसियों ने कहा कि उनका मकसद बाजार भाव एमएसपी से नीचे जाने पर किसानों को समर्थन देना है। एजेंसियां प्रसंस्करणकर्ताओं को कच्चे माल की आपूर्ति वाली एजेंसी नहीं बन सकती हैं।


समर्थन मूल्य से ऊंचे चल रहे है सरसों के बाजार भाव

इस साल के लिये सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 4,650 रुपये क्विंटल तय किया है जबकि बाजार में भाव 5,800 रुपए क्विंटल से ऊपर चल रहे हैं। इससे किसान और तेल उद्योग उत्साहित है। तेल तिलहन उद्योग के जानकारों का मानना है कि यह स्थिति तब बनी है जब विदेशों में भी खाद्य तेलों के दाम ऊंचे चल रहे हैं। विदेशों में भाव टूटने पर घरेलू बाजार को इस स्तर पर बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। तब तिलहनों के मामले में एमएसपी भी बेईमानी हो जाता है।

 


प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव

श्री गंगानगर मंडी में सरसों का भाव 5116 से 5549, सादुलशहर मंडी में सरसों का भाव 5575, नोहर मंडी में सरसों का भाव 5349, रावतसर मंडी में सरसों का भाव 5448, विजयनगर मंडी भाव में सरसों 5358, गोलूवाला मंडी में सरसों का भाव 5438, नोखा मंडी सरसों का भाव 5009, देवली मंडी सरसों का भाव 4700 से 5700, सिरसा मंडी में नई सरसों का भाव 5200, आदमपुर मंडी में सरसों का बोली भाव 5321, सिवानी मंडी में सरसों का भाव 5225, ऐलनाबाद मंडी में सरसों का भाव 5000 से 5313, इंदौर मंडी भाव सरसों का भाव 5000-5150, बेतुल मंडी में 4300-4900 के बीच सरसों का भाव चल रहा है। वहीं अशोक नगर मंडी में सरसों का भाव 5000-5400 रुपए चल रहा है।


देश में 680 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुई धान खरीद

सरकार द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीद प्रक्रिया खरीफ विपणन सत्र (केएमएस) 2020-21 के दौरान अपनी मौजूदा एमएसपी योजनाओं के अनुसार ही जारी है, खरीफ 2020-21 के लिए धान की खरीद सुचारू रूप से चल रही है। पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, उत्तराखंड, तमिलनाडु, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, केरल, गुजरात, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, असम, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा से धान की खरीद की जा रही है। 15 मार्च, 2021 तक इन राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों के किसानों से 680.68 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद की जा चुकी है, जबकि इसी समान अवधि में पिछले वर्ष केवल 597.18 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो पाई थी। पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान की गई खरीद से यह 13.98 प्रतिशत अधिक है। कुल 680.68 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद में से अकेले पंजाब की हिस्सेदारी 202.82 लाख मीट्रिक टन है, जो कि कुल खरीद का 29.79 प्रतिशत है। लगभग 99.88 लाख किसानों को अब तक खरीदे गए धान के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1,28,512.84 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।


1,89,399 किसानों को हुई 1,773.83 करोड़ रुपए की आय

मौजूदा खरीफ सत्र में 15 मार्च, 2021 तक सरकार ने अपनी नोडल एजेंसियों के माध्यम से 3,30,476.61 मीट्रिक टन मूंग, उड़द, तुअर, चना, मूंगफली की फली और सोयाबीन की खरीद एमएसपी मूल्यों पर की है। इस खरीद से खरीफ सत्र 2020-21 और रबी सत्र 2021 में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के 1,89,399 किसानों को 1,773.83 करोड़ रुपये की आय हुई है।


कपास की 91 लाख गांठ से अधिक की हुई खरीद

न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत ही पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कर्नाटक राज्यों से कपास की खरीद का कार्य भी सुचारु रूप से जारी है। 15 मार्च, 2021 तक 18,97,005 किसानों से 26,719.51 करोड़ रुपए के एमएसपी मूल्य पर कपास की 91,86,803 गांठों की खरीद की जा चुकी है।

 

 

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