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मशरूम की खेती के लिए मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण

मशरूम की खेती के लिए मिलेगा ऑनलाइन प्रशिक्षण

मशरूम की खेती  ( cultivation of mushroom ) 9 से 11 सितंबर तक दी जाएगी ट्रेनिंग

आजकल जो भी युवा कृषि क्षेत्र से जुड़ रहे हैं उनका रूझान मशरूम की खेती की ओर अधिक है। कई किसान तो मशरूम की खेती करके अच्छी कमाई कर रहे हैं। मशरूम की खेती की खास बात यह है कि यह कम जगह में की जा सकती है। इसे आप एक कमरे में भी शुरू कर सकते हैं। वहीं बाजार व बड़ी-बड़ी होटलों में इसकी मांग भी बढऩे लगी है जिससे इसके दाम भी अच्छे मिलते हैं। सरकार की ओर भी मशरूम की खेती ( Mushroom Cultivation Farming ) को बढ़ावा दिया जा रहा है।

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

इसी के साथ कई विश्वविद्यालय व निजी संस्थान इसकी खेती का प्रशिक्षण भी देते हैं। इसके लिए समय-समय पर सरकार की ओर से शिविर लगाकर प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाती है। लेकिन अभी कोविड-19 की वजह से शिविर लगाना संभव नहीं हो पा रहा है। इसलिए इसके प्रशिक्षण की ऑनलाइन प्रशिक्षण व्यवस्था की गई है। इससे आप घर बैठे इसका ऑनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त कर इसकी खेती से लेकर विपणन तक की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 


यह संस्थान दे रहा है ऑनलाइन प्रशिक्षण / मशरूम की खेती की ट्रेनिंग

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र 3 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। इसमें जिसमें मशरूम की खेती संबंधी पूरी जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा बाजार में इसकी बिक्री करने संबंधी प्रक्रिया की भी जानकारी दी जाएगी।


कब से शुरू होगा प्रशिक्षण

गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र की ओर से 9 से 11 सितंबर तक 3 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह प्रशिक्षण सितंबर में 3 दिन के लिए आयोजित किया जा रहा है। अगर लोगों का अच्छा रिस्पोंस मिला तो इसे और आगे तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह अधिक से अधिक लोग मशरूम की खेती की जानकारी ले पाएंगे।


इन मशरूमों का दिया जाएगा प्रशिक्षण 

  • बटन मशरूम
  • ढिगरी पुआल मशरूम (ऑयस्टर मशरुम)
  • दूधिया मशरूम (मिल्की)

 

बटन मशरूम - इसकी खेती कम तापमान वाले क्षेत्रों और सर्दियों में की जाती है, लेकिन आप सालभर ग्रीन हाउस तकनीक से इसको हर जगह उगा सकते हैं। इसकी खेती के लिए सरकार बी प्रचार-प्रसार कर प्रोत्साहित कर रही है।
ढिगरी पुआल मशरूम (ऑयस्टर मशरुम)- ढिंगरी मशरूम में अन्य मशरूमों से ज्यादा औषधीय गुण होते हैं। इसकी खेती करना असान और ज्यादा खर्चीला भी नहीं है। इसकी ज्यादातर मांग दिल्ली, मुंबई, कलकत्ता जैसे बड़े शहरों में ज्यादा है।

दूधिया मशरूम - गर्मी के मौसम में दूधिया मशरूम की खेती की जाती है। दूधिया मशरूम के कवक जाल फैलाव के लिए 25 से 35 डिग्री सेल्सियस और नमी 80 से 90 प्रतिशत होनी चाहिए।


यह रहेगा प्रशिक्षण का कार्यक्रम

  • 9 सितंबर 2020 को सुबह 9.45 से 10.00 बजे तक प्रशिक्षण परिचय और महत्व विषय पर जानकारी दी जाएगी। 10.00-11.00 विश्व, देश और राज्य में उत्पादन की स्थिति और 11.00-12.00 मशरूम घर का आकार और प्रकार, उचित स्थान तथा 12.00-1.00 बजे तक मशरूम स्पान (बीज) पर जानकारी दी जाएगी। वहीं 2.30-3.30 बटन मशरूम की खेती का माध्यम (खाद) तैयारी की विधि और आर्थिक विश्लेषण तथा 3.30-4.30 बजे तक बटन मशरूम की खेती की तकनीक विषय पर जानकारी दी जाएगी।
  • 10 सितंबर 2020 को सुबह 10.00-11.00 बजे तक सीप मशरूम प्रौद्योगिकी की खेती, 11.00-12.00 बजे तक स्पान माध्यम की तैयारी, 12.00-1.00 बजे तक मशरूम और रोकथाम में प्रमुख रोगों की पहचान विषय पर जानकारी दी जाएगी। वहीं 2.30-3.30 मशरूम और उनके प्रबंधन के सूत्र और कीड़े तथा 3.30-4. 30 स्ट्रॉ मशरूम खेती तकनीक के बारे में बताया जाएगा।
  • 11 सितंबर 2020 को सुबह 10.00-11.00 बजे तक सीप और दूधिया मशरूम की खेती का माध्यम, तैयार करने और बुवाई की प्रयोगात्मक विधि के संबंध में बताया जाएगा। 11.00-12.00 मशरूम का पोषण और औषधीय महत्व तथा 12.00-1.00 सफल मशरूम उद्यमी के साथ संवाद करें तथा 2.30-3.30 बजे तक पोस्ट मशरूम तकनीक- मूल्य और संवर्धन के विषय में जानकारी दी जाएगी तथा 3.30-4.30 मशरूम विपणन और सरकारी योजनाएं के बारे में बताया जाएगा।


ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए आवेदन और प्रशिक्षण शुल्क

  • अगर आप मशरूम की खेती ( mushroom farming in india ) के लिए प्रशिक्षण में शामिल होना चाहते हैं तो इसके लिए आपको 500 रुपए की रजिस्ट्रेशन फीस जमा करनी होगी।
  • इसके लिए आपको 5 रुपए का पंजीकरण शुल्क भारतीय स्टेट बैंक खाता संख्या 300811736247, आईएफएससी कोड SBIN0001133 में जमा करना होगा।
  • इसके बाद ट्रांजेक्शन डिटेल की कॉपी ईमेल- [email protected] और व्हाट्सएप नंबर 9389017092 पर भेजना होगा।


रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन गूगल मीट पर किया जाएगा। इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए आप 5 सितंबर तक अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। इसके अलावा इस संबंध में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए आप कैलाश सिंह कुशवाहा, संयुक्त निदेशक, मशरूम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र, गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा आप मोबाइल नंबर 8475008884 पर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

 

 

मशरूम कम्पोस्ट

मशरूम यह मिट्टी को समृद्ध करता है और पौधों के स्वस्थ विकास के लिए पोषक तत्वों की आपूर्ति करता है। मशरूम की खाद मिट्टी की जल-धारण क्षमता को भी बढ़ाती है, जिससे आपकी पानी की जरूरत कम हो जाती है। मशरूम खाद अधिकांश उद्यान पौधों के लिए उपयुक्त है।

 

मशरूम उत्पादन तकनीक

विश्वविद्यालय की ओर से दिए जा रहे प्रशिक्षण में मशरूम उत्पादन तकनीक की विधियों के अलावा सफल मशरूम उत्पादन प्रक्षेत्र का भ्रमण भी कराया जाता है।

 

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