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न्यूनतम समर्थन मूल्य : राजस्थान में 15 मार्च से गेहूं की खरीद, पंजीयन 12 से

न्यूनतम समर्थन मूल्य  : राजस्थान में 15 मार्च से गेहूं की खरीद, पंजीयन 12 से

गेहूं की खरीद : जानें, कैसे और कहां कराना होगा पंजीयन और क्या देने होंगे दस्तावेज?

रबी सीजन के लिए गेहूं की खरीद के लिए मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश व हरियाणा में पंजीकरण की शुरू किए जा चुके हैं। इसके बाद अब राजस्थान में भी गेहूं की खरीद के लिए पंजीकरण प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है ताकि समय पर किसानों से गेहूं की खरीद की जा सके। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार राजस्थान में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद 15 मार्च से शुरू की जाएगी जिसके लिए पंजीयन की प्रक्रिया 12 मार्च से शुरू होगी। बता दें कि इस वर्ष राजस्थान में गेहूं की खरीद के लिए भारतीय खाद्य निगम नेफेड राजफैड एवं तिलम संघ एजेंसियों के माध्यम से की जाएगी, जिसके लिए अलग-अलग पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।

 

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इस वर्ष गेहूं का समर्थन मूल्य

देश भर केंद्र सरकार के द्वारा 23 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जाता है, इस भाव पर ही राज्य सरकारों के द्वारा खरीदी की जाती है। केंद्र तथा राज्य की एजेंसियां इस रेट पर खरीदी करती है। राज्य में गेहूं की खरीदी केंद्र सरकार के द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपए प्रति क्विंटल है।

 


350 खरीद केंद्रों पर होगी गेहूं की खरीद

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के शासन सचिव नवीन जैन ने मीडिया को बताया कि प्रदेश में किसानों की सुविधा के लिए लगभग 350 खरीद बनाए गए हैं। केंद्र सरकार से प्राप्त निर्देशों के पालन में इस बार होने वाली गेहूं की खरीद के लिए ऑनलाइन सिस्टम उपलब्ध रहेगा। ऑनलाइन सिस्टम के तहत की जाने वाली खरीद के प्रथम चरण के अंतर्गत 12 मार्च से किसानों का पंजीयन शुरू किए जाएंगे।


समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसान यहां कराएं पंजीकरण

सरकारी खरीदी के लिए किसानों को पंजीयन कराना बेहद जरुरी है। एफसीआई के खरीद केंद्रों के लिए किसान अपना पंजीकरण किसी भी ई-मित्र केंद्र से करवा सकेंगे। किसानों खरीद के पंजीयन के लिए अपने साथ बैंक पासबुक, आधार कार्ड, गिरदावरी सक्षम स्तर से जारी प्रमाण पत्र साथ लेकर जाएं।

 


सरकारी खरीद के संबंध में कुछ आवश्यक बातें

  • राजफेड नेफेड एवं तिलम संघ खरीद एजेंसियों के लिए किसान अपना पंजीयन खरीद केंद्रों के माध्यम से करवा सकेंगे।
  • किसानों के सत्यापन के लिए जन आधार कार्ड जरूरी होगा।
  • किसानों को पंजीयन केंद्र पर बैंक पासबुक की छायाप्रति चेक एवं गिरदावरी सहित सक्षम स्तर से जारी प्रमाण पत्र देना होगा।


किसानों को उपज का करवाना होगा परीक्षण

राज्य के किसानों को पहले की तरह अनाज संबंधित नजदीकी खरीद केंद्र पर जाकर जहां भारत सरकार द्वारा निर्धारित एफएक्यू मापदंडों के अनुसार परीक्षण करवाना होगा। परीक्षण में सफल होने के बाद किसान अनाज की सफाई तुलाई एवं पैकिंग की कार्रवाई की जाएगी। खरीद केंद्र पर उपस्थित ऑपरेटर द्वारा सूचना को ऑनलाइन कर किसान को विक्रय पर्ची का प्रिंट उपलब्ध करवाया जाएगा।

 

यह भी पढ़ें : कृषक कल्याण योजना : किसानों की आय बढ़ाने को राजस्थान में शुरू होगी


किसान इस टोल फ्री नंबर पर ले सकते हैं जानकारी

किसान किसी भी प्रकार की कोई जानकारी अगर लेना चाहते हैं तो टोल फ्री नंबर 1800 -180- 6001 पर जानकारी ले सकते हैं। किसानों को इस वर्ष भी 48 घंटों के अंदर ऑनलाइन भुगतान करवाए जाने की व्यवस्था की जा रही है। अगर किसी किसान के पास जन आधार कार्ड उपलब्ध नहीं है तो वह जन आधार कार्ड के लिए ई-मित्र के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। अगर किसी किसान के जन आधार कार्ड में बैंक खाता संख्या का नहीं है तो इसके लिए नजदीकी ई-मित्र पर जाकर जन आधार कार्ड में अपने खाते का भी इंद्राज करवा सकेंगे।

 

 

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