किसान रथ मोबाइल एप : लॉकडाउन में भी किसानों की बिकेगी फसल

किसान रथ मोबाइल एप : लॉकडाउन में भी किसानों की बिकेगी फसल

Posted On - 20 Apr 2020

जानिए किसानों को कैसे मिलेगा फायदा

ट्रैक्टर जंक्शन पर किसान भाइयों का एक बार फिर स्वागत है। अब किसान भाइयों को लॉकडाउन में अपनी फसल बेचने के लिए चिंतित होने की जरूरत नहीं है। किसानों की परेशानी को देखते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि उत्पादों के परिवहन में सुगमता लाने के उद्देश्य से किसान रथ मोबाइल एप लांच किया। इसके माध्यम से किसान घर बैठे ट्रक, ट्रैक्टर और अन्य कृषि मशीनरी किराये पर बुला सकता है। किसान रथ एप के जरिए किसान और व्यापारी आसानी से फसलों की खरीद और बिक्री कर सकेंगे। इस एप के माध्यम से किसान आसानी से अपनी उपज बेच सकेंगे और व्यापारी खरीद सकेंगे। गूगल प्ले-स्टोर पर दी गई जानकारी के मुताबिक किसान रथ देशभर के किसानों को और व्यापारियों को कृषि उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने में मदद करेगा। किसान रथ अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती, मराठी, पंजाबी, तमिल, कन्नड़ और तेलुगु भाषा में उपलब्ध है।

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

किसान रथ एप का फायदा 

इस एप से किसानों और व्यापारियों को परिवहन वाहनों (ट्रक या अन्य सामान ढ़ोने वाला वाहन) के बारे में जानकारी मिलेगी। एप में ट्रक के आने का समय और स्थान के बारे में भी जानकारी होगी जिसके बाद किसान एक तय समय और स्थान पर जाकर फल, सब्जियों और अनाज को बेच सकेंगे। इस एप के जरिए ट्रांसपोटर्स भी सामान की ढुलाई के लिए अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

 

 

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किसान रथ एप डाउनलोड से जुड़ी खास बातें

  • एंड्रॉयड स्मार्टफोन रखने वाले किसान रथ एप को गूगल प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। एप को डाउनलोड करने के बाद आपको नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर जैसी जानकारियों के साथ पीएम किसान के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 
  • यदि आप व्यापारी हैं तो आपको कंपनी का नाम, अपना नाम और मोबाइल नंबर के साथ रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन करने के बाद आप मोबाइल नंबर और एक पासवर्ड के जरिए एप में लॉगिन कर सकेंगे।
  • इस ऐप से किसान उत्पादक संगठन केंद्र, गांव हाट, गोदाम, रेलवे स्टेशन, हवाई अड्डे, प्रोसेसिंग यूनिट, थोक और खुदरा बाजारों तक फसलों की आवाजाही में मदद करेगा। 
  • मंत्रालय के मुताबिक, इस ऐप से देशभर में 5 लाख ट्रक और 20 हजार ट्रैक्टर जुड़े हैं। जिन्हें किसान अपनी जरूरत के हिसाब से उबर टैक्सी की तर्ज पर बुक कर सकते हैं। बुक करते समय ही ट्रांसपोर्टर से किराया, लोडिंग और अनलोडिंग के बारे में मोल भाव किया जा सकता है। किसान अपनी किसी भी उपज को अपनी जरूरत के हिसाब से संबंधित मंडियों में भेज सकता है।
  • इस ऐप को नेशनल इन्फोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने डेवलप किया है और यही सपोर्ट भी दे रहा है।

 

 

किसान रथ ऐप पर कस्टम हायरिंग सेंटर भी जुड़े

इसके अलावा किसान रथ ऐप पर कस्टम हायरिंग सेंटर भी दर्ज हैं। इसके मार्फत खेती की अन्य जरूरतों के लिए मशीनरी भी बुक की जा सकती है। ऐप पर 14 हजार से अधिक कस्टम हायर सेंटरों (सीएचसी) के 20 हजार से अधिक ट्रैक्टर भी रजिस्टर्ड हैं। इससे किसानों के साथ ट्रांसपोर्टरों को भी काम मिलेगा, जिसका दोनों पक्ष फायदा उठा सकते हैं। सरकार की ओर से इसकी निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसानों का नुकसान न हो सके। खेती के ऐन मौके पर किसानों को मशीनें और वाहनों की भारी जरूरत पड़ती है। उपलब्धता न होने की वजह से उसे मुंह मांगा किराया देना पड़ता है। इस समस्या से निजात पाने के लिए किसान रथ बहुत फायदेमंद साबित होगा। इससे किसानों को जहां हर घड़ी वाहन व मशीनरी उपलब्ध रहेगी, वहीं कस्टम हायर सेंटर में दर्ज वाहनों व मशीनरी के मालिकों को हर समय काम के मौके मिलेंगे। यह मोबाइल ऐप देश के सभी राज्यों के किसानों के लिए जारी किया गया है।

 

सभी कंपनियों के ट्रैक्टरों के मॉडल, पुराने ट्रैक्टरों की री-सेल, ट्रैक्टर खरीदने के लिए लोन, कृषि के आधुनिक उपकरण एवं सरकारी योजनाओं के नवीनतम अपडेट के लिए ट्रैक्टर जंक्शन वेबसाइट से जुड़े और जागरूक किसान बने रहें।
 

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