किसान क्रेडिट कार्ड : पशुपालन के लिए मिलेगा 3 लाख रुपए तक का लोन

किसान क्रेडिट कार्ड : पशुपालन के लिए मिलेगा 3 लाख रुपए तक का लोन

Posted On - 11 Dec 2020

2.68 लाख दुग्ध उत्पादकों के बनेंगे किसान क्रेडिट कार्ड, भूमिहीन किसानों को भी मिलेगा योजना का फायदा

देश के किसान खेती के अलावा पशुपालन से अभी अपनी आजीविका चलाते हैं। देश में करीब 2 करोड़ लोग आजीविका के लिए पशुपालन पर आश्रित है। पशुपालन भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 4 प्रतिशत और कृषि के सकल घरेलू उत्पाद में 26 प्रतिशत का योगदान देता है। केंद्र व राज्य सरकारें भी अपनी नीतियों के माध्यम से पशुपालन को बढ़ावा दे रही हैं। सरकारों का मानना है कि किसानों की आय पशुपालन को प्रोत्साहन देकर भी बढ़ाई जा सकती है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाया है। प्रदेश के 2.68 लाख पशुपालकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की है। इस योजना के माध्यम से किसान 3 लाख रुपए का लोन पाने का हकदार होगा। इस योजना की खास बात यह है कि इसके लिए भूमि की अनिवार्यता नहीं है। आईये, जानते हैं योजना के बारे में खास बातें।

 

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पशुपालकों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना की खास बातें

  • इस अभियान के तहत मध्यप्रदेश के 2 लाख 68 हजार दुग्ध उत्पादकों के किसान क्रेडिट  कार्ड बनाए जा रहे हैं।
  • योजना के तहत पशुपालन के लिए पशुपालकों को 1.60 लाख रुपए से 3 लाख रुपए तक लोन स्वीकृत हो सकेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत भूमिहीन पशुपालक भी ऋण प्राप्त करने के लिए पात्र होंगे। 

 


दुग्ध उत्पादन सहकारी समितियों के माध्यम से बनेंगे किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी)

मध्यप्रदेश के सहकारिता एवं लोक सेवा प्रबंधन मंत्री डॉ. अरविन्द सिंह भदौरिया ने बताया कि सरकार द्वारा पशुपालन एवं मछली पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया जा रह है एवं दुग्ध उत्पादक किसानों और पशुपालकों को ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड से भी जोड़ा जा रहा है। इसी क्रम में दुग्ध सहकारी समितियों से संबंधित प्रदेश के 2 लाख 68 हजार दुग्ध उत्पादकों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाये जा रहे हैं।


किसान क्रेडिट कार्ड में स्वीकृत ऋण 

मंत्री डॉ. अरविन्द सिंह भदौरिया ने बताया कि मध्य प्रदेश में सहकारी केंद्रीय बैंकों द्वारा दुग्ध उत्पादक समितियों के सदस्यों एवं अन्य पशुपालकों को उनकी क्रेडिट की महती आवश्यकता को देखते हुए क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराये जाने का अभियान प्रारंभ किया गया है। अभी तक सहकारी बैंकों द्वारा 6 हजार 300 से अधिक पशुपालक किसानों को 18 करोड़ 86 लाख रुपए की केसीसी लोन स्वीकृत किये जा चुके है। इन स्वीकृत प्रकरणों में से 3,040 कृषकों को 8 करोड़ 39 लाख रुपए का  ऋण वितरण भी किया जा चुका है। 


मध्यप्रदेश में नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन

मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री भदौरिया ने बताया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के अंतर्गत 800 नवीन दुग्ध सहकारी समितियों के गठन की प्रक्रिया चल रही है। इससे प्रदेश के करीब 40 हजार दुग्ध उत्पादकों को लाभ होगा। दुग्ध संघों द्वारा इन किसानों से एक लाख 20 हजार लीटर दुग्ध क्रय किया जा सकेगा। उल्लेखनीय है कि आत्मनिर्भर भारत के तहत किसान क्रेडिट कार्ड अभियान के तहत देशभर में कुल ढाई करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड देने का लक्ष्य रखा गया है जिसमें दुग्ध उत्पादक पशुपालक, मछली पालक एवं किसान शामिल हैं। योजना के तहत दुग्ध संघों और दुग्ध उत्पादक कंपनियों से जुड़े 1.5 करोड़ डेयरी किसानों को किसान  क्रेडिट कार्ड (केसीसी) उपलब्ध करवाया जा रहा है। पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने इस अभियान को मिशन के रूप में लागू करने के लिए वित्तीय सेवा विभाग के साथ मिलकर सभी राज्य दुग्ध महासंघ और दुग्ध संघों को पहले ही उपयुक्त परिपत्र और केसीसी आवेदन प्रारूप जारी कर दिये हैं। 


समय पर ऋण चुकाने पर मिलती है 3 प्रतिशत ब्याज की छूट

किसान क्रेडिट कार्ड योजना 1998 में शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कृषि गतिविधियों के लिए बिना किसी बाधा के समय पर ऋण उपलब्ध कराना था। भारत सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तहत किसानों को ब्याज पर 2 प्रतिशत की आर्थिक सहायता देती है और समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 3 प्रतिशत की प्रोत्साहन छूट देती है। इस तरह केसीसी पर सालाना ब्याज दर 4 प्रतिशत है। सरकार ने किसानों के हित में बड़े कदम उठाते हुए 2019 में केसीसी ब्याज दर में आर्थिक सहायता का प्रावधान शामिल करते हुए इसका लाभ डेयरी उद्योग समेत पशुपालकों और मछली पालकों को भी देने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1.60 लाख रुपए तक का लोन बिना किसी गारंटी के मिलता है। पहले यह सीमा एक लाख रुपए थी।


मछली पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ

सहकारी बैंकों द्वारा मछली पालकों को भी क्रेडिट कार्ड जारी किए जाने का अभियान प्रारंभ किया गया है, जिससे मछुआरों को क्रेडिट की आवश्यकता को पूरा किया जा सके। अभी तक लगभग 662 मत्स्य पालकों को 54 लाख 50 हजार रुपये के किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए जा चुके हैं। जबकि 378 किसानों को 20 लाख 53 हजार रुपये का ऋण वितरण भी किया जा चुका है। 


इन्हें भी मिलता है किसान क्रेडिट योजना का फायदा

जानवरों को पालने, डेयरी आदि संबंधी गतिविधियों में ऋण की आवश्यकता को पूर्ण करने, पक्षियों, मछली, झींगा, अन्य जलीय जीवों, मछलियों को पकड़ने के लिए अल्पकालीन क्रेडिट आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किसान कार्ड पर ऋण देने की योजना चल रही है। जिन किसानों के पास पहले से किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा है वह पशुपालन एवं मछली पालन आदि गतिविधियों के लिए अल्पकालिक ऋण ले सकते हैं।

 

किसान क्रेडिट कार्ड ऑनलाइन / किसान क्रेडिट कार्ड अप्लाई

किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने के लिए किसान भाई को सबसे पहले पीएम किसान की अधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाना होगा। यहां आपको फार्मर की टैब में दाई ओर डाउनलोड किसान क्रेडिट फॉर्म का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करने पर फॉर्म डाउनलोड हो जाएगा और इसे भरकर नजदीकी बैंक में आपको जमा करना होगा। अगर आप किसान क्रेडिट कार्ड कैसे बनवाएं, किसान क्रेडिट कार्ड के फायदे, किसान क्रेडिट कार्ड योजना 2020 और किसान क्रेडिट कार्ड आवेदन पत्र के बारे में जानना चाहते हैं तो इस लिंक https://www.tractorjunction.com/agriculture-news/kisan-credit-card-yojana/ पर क्लिक करें।

 

 

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