हाइब्रिड बीज : किसानों को फ्री में बांटे जाएंगे हाइब्रिड बीज, होगा अधिक उत्पादन

हाइब्रिड बीज : किसानों को फ्री में बांटे जाएंगे हाइब्रिड बीज, होगा अधिक उत्पादन

Posted On - 13 Oct 2021

जानें, किन राज्यों के किसानों को मिलेगा फ्री बीज किट कार्यक्रम का लाभ

देश को दलहन और तिलहन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से फ्री बीज वितरण किट प्रोग्राम संचालित किया जा रहा है। इसके तहत किसानों को फ्री में दलहन और तिलहन के हाइब्रिड बीज वितरित किए जा रहे हैं। इसका शुभारंभ भी बीते दिनों मध्यप्रदेश से कर दिया गया है। बता दें कि दलहन और तिलहन की बढ़ती मांग और घरेलू और बाहरी वृद्धि को देखते हुए केंद्र सरकार ने किसानों को इसके हाइब्रिड बीज किट बांटने का निर्णय लिया है। हाइब्रिड बीज वे होते हैं जिनसे अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। और इससे फसल जल्दी तैयार भी हो जाती है।

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देश भर में 8,20,600 बीज मिनी किट का होगा वितरित

मीडिया में प्रकाशित खबरों के अनुसार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा एक विशेष कार्यक्रम के तहत देश के 15 प्रमुख उत्पादक राज्यों के 343 चिह्नित जिलों में निशुल्क  8,20,600 बीज मिनी किट वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम से बीज प्रतिस्थापन दर में वृद्धि होकर उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ सकेगी, जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी। 

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मध्यप्रदेश में इन जिलों से हुई फ्री बीज किट वितरण की शुरुआत

फ्री बीज मिनी किट वितरण की शुरूआत मध्य प्रदेश के मुरैना व श्योपुर जिले से हुई जहां लगभग दो करोड़ रुपए मूल्य के सरसों बीज मिनी किट वितरण किया गया, केंद्रीय कृषि मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर ने इसकी शुरुआत की। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएसएम)-ऑयलसीड व ऑयलपाम योजना के तहत प्रारंभ किया गया है। देश के प्रमुख सरसों उत्पादक राज्यों के लिए सूक्ष्म स्तरीय योजना के बाद इस वर्ष रेपसीड व सरसों कार्यक्रम के बीज मिनी किट वितरण कार्यान्वित करने की मंजूरी दी गई है। 

देश के इन राज्यों के किसानों को मिलेगा फ्री बीज वितरण योजना का लाभ

फ्री बीज मिनी किट वितरण कार्यक्रम के तहत सभी प्रमुख दलहन और तिलहन उत्पादक राज्यों को शामिल किया गया है। इसके तहत मध्यप्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, झारखंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा के विभिन्न जिलों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम के लिए 1066.78 लाख रु.आवंटित किए गए है। मध्यप्रदेश के मुरैना व श्योपुर, गुजरात के बनासकांठा, हरियाणा के हिसार, राजस्थान के भरतपुर और उत्तर प्रदेश के एटा तथा वाराणसी जिलों को इस वर्ष के दौरान पायलट प्रोजेक्ट के तहत हाइब्रिड बीज मिनीकिट के वितरण के लिए चुना गया है। 5 राज्यों के इन 7 जिलों में कुल 1615 क्विंटल बीज से 1,20,000 बीज मिनी किट तैयार करके वितरण किया जाएगा। हर जिले को 15 हजार से 20 हजार बीज मिनी किट दिए जाएंगे। 

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सरसों की इन किस्मों के बीजों का भी होगा वितरण

बीज किट वितरण के नियमित कार्यक्रम के अलावा सरसों की तीन टीएल हाइब्रिड उच्च उपज देने वाली किस्मों के बीज मिनीकिट का भी वितरण किया जाएगा। इसके तहत सरसों की चयनित किस्में जेके-6502, चैंपियन व डॉन का वितरण होगा। बता दें कि एचवाईवी की तुलना में अधिक उपज देने के कारण हाइब्रिड का चयन किया जाता है। 

पहली बार फ्री बांटा जाएगा हाइब्रिड बीज ( Hybrid Farming )

मध्यप्रदेश के मंत्री भारत सिंह कुशवाह ने कहा कि हाइब्रिड बीज ( Hybrid seed ) का पहली बार नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है। इस क्षेत्र में सरसों का काफी उत्पादन होता है, अब केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से ये हाइब्रिड बीज मिलने से इसमें और इजाफा होगा। किसानों को सरसों के बहुत अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिसका केंद्रीय मंत्री श्री तोमर को जाता है, जिन्होंने मिलावट बंद करवाने के लिए आदेश निकाला है। कुशवाह ने किसानों से सरसों की ज्यादा से ज्यादा बुवाई करने का आग्रह किया, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। 

दलहन-तिलहन को लेकर क्या है सरकार की प्राथमिकताएं

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश में बीज वितरण कार्यक्रम के दौरान कहा कि  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दलहन-तिलहन का उत्पादन व उत्पादकता बढ़ाकर इसमें देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मिशन मोड पर काम किया जा रहा है। इसी क्रम में 11 हजार करोड़ रुपए के खर्च से आयल पाम का राष्ट्रीय मिशन भी प्रारंभ किया गया है। इसी के साथ कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों को भी विभिन्न योजनाओं द्वारा अपनी खेती लागत घटाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने किसानों से खेती में पानी की बचत करने व वैकल्पिक खाद भी उपयोग करने का आग्रह किया।

 

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