गोधन न्याय योजना : किसानों के खातों में पहुंचे 8.97 करोड़ रुपए

गोधन न्याय योजना : किसानों के खातों में पहुंचे 8.97 करोड़ रुपए

Posted On - 09 Nov 2020

राज्य सरकार ने किसानों को ऑनलाइन किया गोबर खरीदी का भुगतान

देश में किसानों को आर्थिक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के साथ ही राज्य सरकारें भी कई योजनाएं चला कर किसानों को लाभ पहुंचा रही हैं। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ पहला एक मात्र राज्य हैं जिसने कृषि के साथ ही पशुपालन को बढ़ावा देने की दृष्टि से पशुपालकों से गोबर की खरीद शुरू की है। इसके पीछे राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ ही पशुपालन को प्रोत्साहित करना है। बता दें कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पशुपालक किसानों के लिए राज्य में गोधन न्याय योजना शुरू की है। इसके तहत पशुपालकों से हर महीने गोठानों मेें गोबर की खरीद की जाती है। इसी योजना के तहत हाल ही में छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीदें गए गोबर का भुगतान किसानों के खातों में किया है। इसमें 77 हजार से अधिक किसानों के खातों में करीब 8.97 करोड़ रुपए का ऑनलाइन भुगतान किया गया है। बता दें कि राज्य शासन की गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के 77 हजार 592 ग्रामीणों एवं गौपालकों से 20 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच गौठानों में गोबर खरीदी की गई थी, जिसका 8 करोड़ 97 लाख रुपए का ऑनलाइन भुगतान राज्य सरकार की ओर से किया गया है। गोधन न्याय योजना के तहत अब तक गोबर विक्रेताओं को 47 करोड़ 38 लाख रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रैक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1


अब तक किसानों से सरकार ने खरीदा 23 लाख 68 हजार 900 क्विंटल गोबर

गोधन न्याय योजना के तहत राज्य के पशुपालकों एवं ग्रामीणों से 2 रुपए प्रति किलोग्राम कि दर से गोबर खरीदा जा रहा है। राज्य में 5454 गौठान निर्मित है, जिसमें से 3677 गौठानों में गोबर की खरीदी की जा रही है। अब तक 23 लाख 68 हजार 900 क्विंटल गोबर खरीद की जा चुकी है। गोबर विक्रेताओं में अन्य पिछड़ा वर्ग के 51.51 प्रतिशत, अनुसूचित जनजाति वर्ग के 37.24 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति वर्ग के 7.40 प्रतिशत हितग्राही शामिल हैं। अब तक 44 हजार से अधिक टांके बनाए जा चुके है, जबकि 16 हजार टांके निर्माणाधीन है।

 


गौठानों में अब तक 8 हजार क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन

सरकार की ओर से किसान पशुपालकों से खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जा रही है। राज्य के किसानों को यह खाद कम दरों पर बेची जाएगी। इस बहुआयामी योजना से जहां पशुपालकों को आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है वहीं प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा भी मिलेगा। गौठानों में अब तक 8 हजार क्विंटल से अधिक वर्मी कम्पोस्ट खाद का उत्पादन किया जा चुका है। जिसमें से एक हजार क्विंटल खाद की बिक्री हो चुकी है। शेष खाद की मात्रा की पैकेजिंग एवं विक्रय प्रक्रियाधीन है।


गोधन न्याय योजना क्या है / गोधन न्याय योजना की शुरुआत

छत्तीसढ़ राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पशुधन को समृद्ध बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 20 जुलाई 2020 को गोधन किसान योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत किसानों से गौठानों में गोबर की खरीद की जाती है। इस खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है और इस प्रकार निर्मित जैविक खाद को किसानों को सस्ती दर पर बेचा जाता है। इससे एक ओर किसानों को गोबर बेचने से आदमनी हो रही है, वहीं दूसरी ओर सस्ती दर पर जैविक खाद भी मिल रहा है। इस प्रकार ये योजना किसानों को दो तरफा फायदा पहुंचा रही है। बता दें कि यह इस योजना को शुरू करने का मुख्य उद्देश्य पशुओं को खुला छोडऩे पर रोक लगाना था। इसके परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं। राज्य सरकार की इस योजना के शुरू होने के बाद से राज्य में पशुओं को खुला छोडऩे पर काफी हद तक रोक लगी है।


इधर मध्यप्रदेश में अभी तक 12 लाख किसानों मिली 2,000 रुपए की पहली किश्त

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की तर्ज पर मध्यप्रदेश राज्य सरकार ने किसानों को सीधी मदद देने के उद्देश्य मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की शुरुआत की है। इसके तहत किसानों को सालाना 4 हजार रुपए दो किश्तों में राज्य सरकार की ओर से किसानों के खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे। अब तक इस योजना के तहत करीब 12 हजार से अधिक किसानों के खातों में 2 हजार रुपए की प्रथम किस्त की राशि राज्य सरकार की ओर भेजी जा चुकी है। मीडिया में प्रकाशित खबरों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत अभी तक प्रदेश के 12 लाख 45 हजार 278 हितग्राहियों को प्रथम किश्त की राशि का भुगतान कर दिया गया है तथा शेष को लाभ दिए जाने की प्रक्रिया जारी है। बता दें कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना की शुरुआत में मध्यप्रदेश के किसानों को 25 सितंबर से किसानों को किश्त दी जा रही है। हाल ही में 2 नवंबर को मुख्यमंत्री ने किसान कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के उपचुनाव वाले 19 जिलों को छोडक़र 5 लाख किसानों को दो-दो हजार रुपए के मान से कुल 100 करोड़ रुपए की राशि का उनके खातों में सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की थी।


राज्य के 78 लाख किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के अंतर्गत प्रदेश के 78 लाख 51 हजार 424 किसानों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें योजना का लाभ दिया जाएगा। योजना के तहत लाभ प्राप्त करने वाले सर्वाधिक किसान जबलपुर संभाग में 14 लाख 32 हजार, उज्जैन संभाग में 11 लाख 23 हजार, सागर संभाग में 10 लाख 14 हजार, इंदौर संभाग में 9 लाख 67 हजार तथा भोपाल संभाग में 8 लाख 48 हजार हैं। बता दें कि मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत प्रथम किस्त का भुगतान 1 सितंबर से 31 मार्च के बीच एवं दूसरी किस्त का भुगतान 1 अप्रैल से 31 अगस्त के बीच किया जाएगा।

 

 

अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Quick Links

scroll to top
Close
Call Now Request Call Back