गोट फार्म योजना : बकरी पालन पर 60 प्रतिशत सब्सिडी, अभी करें आवेदन

Published - 03 Mar 2021

गोट फार्म योजना : बकरी पालन पर 60 प्रतिशत सब्सिडी, अभी करें आवेदन

बकरी पालन योजना : जानें, कहां और कैसे करना है आवेदन और क्या देने होंगे दस्तावेज?

गांव में छोटे किसान जो पशुपालन के लिए महंगी भैंस या गाय नहीं खरीद सकते उनके लिए बकरी पालन एक सस्ता रोजगार का साधन है। बकरी पालन करके कम लागत पर अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। इसके अलावा अन्य दुधारू पशुओं की अपेक्षा बकरी की देखभाल भी कम करनी पड़ती है। खेती के साथ बकरी पालन करके छोटे किसान अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं। सरकारी योजनाओं के तहत बकरी पालन योजना को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए बिहार सरकार की ओर से गोट फार्म योजना 2021 चलाई जा रही है। इस योजना के तहत किसानों को बकरी पालन के लिए सब्सिडी दी जा रही है जिससे किसान बकरी पालन का काम शुरू कर सकते हैं। इसके लिए 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा सकता है। बिहार पशुपालन विभाग ने गोट फार्म योजना 2021 के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं जिसकी प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इच्छुक व्यक्ति 13 मार्च 2021 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1


क्या है गोट फार्म योजना / बकरी पालन योजना

छोटे किसानों व गरीब लोगों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार सरकार की ओर से गोट फार्म योजना के तहत 20 बकरी तथा 1 बकरा और 40 बकरी तथा 2 बकरा योजना में शामिल किया है। योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में बकरी पालन को बढ़ावा देना एवं उन्नत नस्ल के बकरी/बकरा की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। साथ ही बकरा/बकरी उत्पादन से पशु जनित प्रोटीन की उपलब्धता में वृद्धि एवं रोजगार के अतिरिक्त अवसर का सर्जन करना तथा बकरी पालकों की आय में वृद्धि करना है। प्रदेश के कोई भी इच्छुक व्यक्ति गोट फार्म योजना के तहत आवेदन कर योजना का लाभ ले सकता है।

 


बकरी पालन योजना : सब्सिडी के लिए आवेदन से पहले बननी होगी प्रोजेक्ट रिपोर्ट

आवेदक के द्वारा 20 बकरी + 1 बकरा तथा 40 बकरी + 2 बकरा के आवेदन से पहले एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाना अनिवार्य है। प्रोजेक्ट के अनुसार ही आवदेक को सब्सिडी या बैंक ऋण दिया जाएगा। बिहार पशुपालन विभाग ने प्रोजेक्ट में लगने वाली लागत की अंतिम राशि का निर्धारण कर दिया है।

 

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प्रोजेक्ट रिपोर्ट में किन-किन बातों का करना होगा उल्लेख?

प्रोजेक्ट रिपोर्ट को जरुर बना लें जिस में बकरी पालन के लिए बकरी / बकरा खरीदी, आवास, एक वर्ष के लिए चिकित्सा, बीमा, तथा भोजन पर आने वाले खर्च को दिखाना होगा। इसके साथ ही एक वर्ष के बाद कितनी आमदनी होगी यह भी दिखाना होगा। जिससे बैंक लोन प्राप्त करने में आसानी होगी। वहीं प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने के संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप अपने यहां के पशु चिकित्सालय या प्रखंड या जिले के पशुपालन विभाग में संपर्क कर सकते हैं।


गोट फार्म योजना के तहत सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी

सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए 20 बकरी + 1 बकरा के लिए अधिकतम 2 लाख रुपए तथा 40 बकरी + 2 बकरा के लिए अधिकतम 4 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इसके अनुसार ही आवेदक को सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाएगी। सामान्य वर्ग के लिए 50 प्रतिशत तथा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 60 प्रतिशत की सब्सिडी निर्धारित की गई है।


सब्सिडी के लिए आवेदन से पहले भूमि तथा प्रोजेक्ट में लगने वाला पैसा होना जरूरी

किसान बकरी पालन के लिए सब्सिडी पर आवेदन करने से पहले बकरी पालन के लिए भूमि तथा प्रोजेक्ट में लगने वाले पैसा होना जरूरी है। बिहार पशुपालन विभाग ने किसानों को बकरी पालन के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया है जो किसान के पास होना अनिवार्य होना चाहिए।


गोट फार्म (20 बकरी +1 बकरा) के लिए प्रोजेक्ट लागत एवं बैंक ऋण

सामान्य वर्ग

  • सामान्य जाति वर्ग के आवेदक 20 बकरी + 1 बकरा पालन के लिए आवेदन से पहले 60,000 रुपए बैंक में तथा 18,00 वर्गफिट भूमि होना अनिवार्य है, यदि लीज पर है तो उसका इकरारनामा होना आवश्यक है। आवेदक अधिकतम 20,000 रुपए के ऋण के लिए बैंक में आवेदन कर सकते हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग

  • अनुसूचित जाति वर्ग के आवेदक को 20 बकरी तथा 1 बकरा पालन के लिए आवेदन से पहले 48,000 रुपए बैंक में तथा 18,00 वर्गफीट क्षेत्र का होना अनिवार्य है, यदि लीज पर है तो उसका इकरारनामा होना आवश्यक है। आवेदक अधिकतम 20,000 रुपए की ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदक 20 बकरी तथा 1 बकरा पालन के लिए आवेदन से पहले 48,000 रुपए बैंक में तथा 18,00 वर्गफीट का क्षेत्र होना अनिवार्य है, यदि लीज पर है तो उसका इकरारनामा होना आवश्यक है। आवेदक अधिकतम 20,000 रुपए के ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।


गोट फार्म (40 बकरी + 2 बकरा) के लिए प्रोजेक्ट

सामान्य वर्ग के आवेदक

  • सामान्य जाति वर्ग के आवेदक 40 बकरी तथा 2 बकरा पालन के लिए आवेदन से पहले 1,20,000 रुपए बैंक में तथा 36,00 वर्गफीट भूमि होना अनिवार्य है, यदि लीज पर है तो उसका इकरारनामा होना आवश्यक है। आवेदक अधिकतम 40,000 रुपए की ऋण के लिए बैंक में आवेदन कर सकते हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग

  • अनुसूचित जात्ति वर्ग के आवेदक 40 बकरी तथा 2 बकरा पालन के लिए आवेदन से पहले 96,000 रुपए बैंक में तथा 36,00 वर्गफीट क्षेत्र होना अनिवार्य है, यदि लीज पर है तो उसका इकरारनामा होना आवश्यक है। आवेदक अधिकतम 40,000 रुपए के ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदक 40 बकरी तथा 2 बकरा पालन के लिए आवेदन से पहले 96,000 रुपए बैंक में तथा 36,00 वर्गफीट होना अनिवार्य है, यदि लीज पर है तो उसका इकरारनामा होना आवश्यक है। आवेदक अधिकतम 40,000 रुपए की ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं।


गोट फार्म योजना के तहत पर कैसे किया जाएगा सब्सिडी का भुगतान

गोट फार्म योजना के तहत बकरी पालन के लिए सरकार की ओर मिलने वाली सब्सिडी सामान्य जाति वर्ग और अनुसूचित व जनजाति वर्ग के लिए अलग-अलग निर्धारित की गई है। इसे सरकार की ओर से दो किश्तों में भुगतान किया जाता है, जो इस प्रकार से हैं।


बकरी पालन योजना : सामान्य जाति वर्ग के लिए सब्सिडी

सामान्य जाति वर्ग के लिए 50 प्रतिशत अनुदान राशि का भुगतान दो किश्तों में किया जाएगा। 20 बकरी + 1 बकरा क्षमता के लिए सब्सिडी 40 प्रतिशत यानि 40,000 रुपए का भुगतान आधारभूत संरचना के बाद दिया जाएगा। दूसरी किश्त बकरी क्रय के बाद 60 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा जो 60,000 रुपए रहेगा। इसी प्रकार 40 बकरी तथा 2 बकरा के लिए सामान्य जाति वर्ग के आवेदक को प्रथम किश्त में 40 प्रतिशत यानि 80,000 रुपए आधारभूत संरचना के बाद दिया जाएगा। द्वितीय किश्त आवेदक के द्वारा बकरी खरीदने के बाद 60 प्रतिशत यानि 1,20,000 रुपए का भुगतान किया जाएगा।

 

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अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए सब्सिडी

अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 60 प्रतिशत अनुदान राशि का भुगतान दो किश्तों में किया जाएगा। 20 बकरी + 1 बकरा क्षमता के लिए सब्सिडी 40 प्रतिशत यानि 48,000 रुपए का भुगतान आधारभूत संरचना के बाद दिया जाएगा। दूसरी किश्त बकरी क्रय के बाद 60 प्रतिशत का भुगतान किया जाएगा। जो 72,000 रुपए रहेगा। इसी प्रकार 40 बकरी तथा 2 बकरा के लिए अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदक को प्रथम किश्त में 40 प्रतिशत यानि 96,000 रुपए आधारभूत संरचना के बाद दिया जाएगा। दूसरी किश्त आवेदक के द्वारा बकरी खरीदने के बाद 60 प्रतिशत यानि 1,44,000 रुपए का भुगतान किया जाएगा।


गोट फार्म योजना के तहत पर सब्सिडी प्राप्त करने हेतु आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

गोट फार्म योजना के तहत बकरी पालन पर सब्सिडी के लिए आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी वे इस प्रकार से हैं- आवेदक का फोटोग्राफ, आधार कार्ड की छाया प्रति, जाति प्रमाण पत्र (केवल एससी/एसटी के लिए अनिवार्य है), आवेदन के समय आवेदक के पास वांछित राशि की छाया प्रति, बैंक खाता पास बुक की छाया प्रति, पेनकार्ड की छाया प्रति, लीज / निजी / पैत्रिक भूमि का ब्यौरा की छाया प्रति, बकरी पालन का प्रशिक्षण संबंधित साक्ष्य, भूमि के नजरी नकशाकी छाया प्रति संलग्न करनी होगी। इसके अलावा प्रोजेक्ट रिपोर्ट संलग्न करें। अन्यथा विभाग द्वारा तैयार किया गया मॉडल प्रोजेक्ट रिपोर्ट ही मान्य होगा।


गोट फार्म योजना के तहत सब्सिडी लेने के लिए आवेदन कैसे करें ?

बिहार में गोट फार्म योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है आप बिहार पशुपालन विभाग पर जाकर ऑनलाइन आवेदन एवं योजना से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। इच्छुक व्यक्ति आवेदन अपने नजदीक के किसी भी वसुधा केंद्र तथा किसी भी तरह के कंप्यूटर सेंटर से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इस http://animal2018.ahdbihar.in/ लिंक पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं।

 

 

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