फसल नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मिलेगा 30.39 करोड़ का मुआवजा

Published - 05 Aug 2020

फसल नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को मिलेगा 30.39 करोड़ का मुआवजा

इन जिलों के किसानों को मिलेगा मुआवजा

बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने 30.39 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि जारी की है। यह राशि वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए जारी की गई है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण तथा पशुपालन मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसान हित में हर फैसला तत्काल लिया है जिसके तहत किसानों को फसल नुकसानी की भरपाई के लिए 30.39 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि जारी की गई है।

उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2019-20 की खरीफ और रबी फसलों को तेज बारिश व ओलावृष्टि में हुए खराबे हेतु मुआवजे के लिए 30 करोड़ 39 लाख 75 हजार रुपए से अधिक राशि जारी की है। असमय बारिश एवं ओलावृष्टि की वजह से किसानों की गेहूं, सरसों आदि की फसलें प्रभावित हुई थी। राज्य सरकार द्वारा प्रभावित फसलों की स्पेशल गिरदावरी करवाई गई थी जिसके आधार पर यह मुआवजा राशि जारी की गई है। 

 

इन जिलों के किसानों को मिलेगा मुआवजा

मंत्री जेपी दलाल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि इस राशि में भिवानी जिले के किसानों के लिए 14 करोड़ 66 लाख 40 हजार रुपए,  रोहतक जिला के किसानों के लिए 7 करोड़ 28 लाख 49 हजार, महेंद्रगढ़ जिला के लिए 7 करोड़ 56 लाख 18 हजार तथा यमुनानगर जिले के किसानों के लिए 88 लाख 67 हजार रुपए की मुआवजा राशि दिया जाना शामिल है। मंत्री दलाल ने बताया कि खराबे के कारण भिवानी जिला के उपमंडल लोहारू एवं तोशाम के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गांवों के किसानों की 6235 एकड़ में खड़ी फसलें प्रभावित हुई थी। उन गांवों में कासनी कला, कासनी खुर्द, सुरपुरा कला और सुरपुरा खुर्द, सिधनवां, सेरला, गोपालवास, हरियावास व मंढोली कला गांव शामिल हैं। 

 

 

कई राज्यों में पीएम फसल बीमा योजना के तहत किया जा रहा है मुआवजे का वितरण

कई राज्यों में जिन किसानों ने पीएम फसल बीमा योजना में अपनी फसल का बीमा करवा रखा था उन किसानों को भी बीमा राशि का वितरण किया जा रहा है। पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बहुत ही कम प्रीमियम पर फसल सुरक्षा प्रदान की जाती है। जिन किसानों ने किसान क्रेडिट कार्ड से फसली कर्ज लिया हुआ है, उनकी फसल खुद ही बीमा के दायरे में आ जाती है। बाकि किसान अपनी मर्जी के मुताबिक फसल का बीमा करा सकते है। अब सरकार ने फसलों का बीमा स्वैच्छिक कर दिया है। किसान अपनी मर्जी से बीमा करा सकता है। फसल नुकसान की स्थिति में इस योजना के तहत सत्यापन के बाद किसान को बीमा राशि का भुगतान किया जाता है।

 

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