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सरसों व कपास के ऊंचे भावों से किसान खुश, अगले सीजन में रकबा बढऩे की उम्मीद

सरसों व कपास के ऊंचे भावों से किसान खुश, अगले सीजन में रकबा बढऩे की उम्मीद

जानें, सरसों व कपास के भावों को लेकर आगे कैसा रहेगा बाजार का रूख?

इस साल कपास व सरसों के बाजार में अच्छे भाव मिलने से किसान की रूचि सरसों व कपास के उत्पादन में दिखाई दे रही है। इसके कारण बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल सरसों व कपास का रकबा बढ़ सकता है। बता दें कि इस साल सरसों की तरह ही किसानों को कपास के भी अच्छे दाम मिले हैं। इसकी वजह से सरसों व कपास की खेती के प्रति किसानों दिलचस्पी बढ़ सकती है। वे खरीफ सीजन की दूसरी प्रमुख फसलों के बजाय कपास की बुवाई अधिक कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस साल खरीफ सीजन में कपास की बुवाई का रकबा कम से कम 10 प्रतिशत तक बढ़ सकता है। गुजरात, राजस्थान और तेलंगाना में इसकी सबसे अधिक उम्मीद लगाई जा रही है।

 

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चालू सीजन में कपास का कितना हुआ उत्पादन

मीडिया में प्रकाशित खबरों के हवाले से कॉटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आकलन के अनुसार, चालू कॉटन सीजन 2020-21 (अक्टूबर-सितंबर) में देश में कॉटन का कुल उत्पादन 358.50 लाख गांठ (एक गांठ में 170 किलो) रहा है। वहीं, पिछले साल का बकाया स्टॉक 125 लाख गांठ और आयात करीब 12 लाख गांठ को मिलाकर कुल आपूर्ति 495.50 लाख गांठ रहेगी।

 


इस साल सरसों के कितना उत्पादन का अनुमान

कृषि मंत्रालय के अनुसार इस बार सरसों की पैदावार पहले से ज्यादा हो सकती है। माना जा रहा है कि 2019-20 में सरसों की उपज 91.2 लाख टन हुई थी, जो 2020-21 में बढक़र 104.3 लाख टन होने की संभावना है। कहा जा रहा है कि अब तक देश में इतनी सरसों की पैदावार कभी नहीं हुई है।

 


बाजार भाव, एमएसपी से ज्यादा होने से किसान खुश

इस बार सरसों का कपास दोनों का ही का बाजार भाव, समर्थन मूल्य से अधिक किसानों को मिल रहा है जिससे किसान बहुत खुश हैं। बता दें कि वर्ष 2021 के लिए कपास का समर्थन मूल्य लंबा रेशा वाला 5825 रुपए प्रति क्विंटल है और मध्यम रेशा वाला कपास 5515 रुपए/ क्विंटल तय किया गया है। वहीं सरसों की सरकारी दर एमएसपी 4650 रुपए तय है। अब कपास और सरसों के बाजार भाव की बात करें तो अभी कुछ दिनों पहले देश के किसानों को चालू सीजन में कपास का भाव एमएसपी से 1,000 रुपए प्रति क्विंटल से भी ज्यादा मिला है। वहीं, मंडियों में सरसों का औसत रेट 5500 रुपए क्विंटल का चल रहा है। उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों पूर्व गुजरात में कपास का भाव 6500 रुपए प्रति क्विंटल से भी ऊपर तक उछला था।

 


प्रमुख मंडियों में सरसों व कपास के ताजा भाव

हरियाणा की ऐलनाबाद मंडी में सरसों का भाव 5300 से 5450 तथा नरमा का भाव 6300 रुपए प्रति क्विंटल रहा। सिरसा मंडी में नरमा 6000 से 6385 रुपए व सरसों का भाव 4850 से 5450 रुपए क्विंटल के रहा। आदमपुर मंडी में नरमा बोली भाव 6000 से 6327 रुपए प्रति क्विंटल रहा। फतेहाबाद अनाज मंडी में सरसों का बोली भाव 5100 से 5400, नरमा 6250 रुपए प्रति क्विंटल रहे। जींद मंडी में सरसों का रेट 5200 से 5500 रुपए प्रति क्विंटल रहा। बरवाला मंडी में नरमा 6102 रुपए क्विंटल तक बिका। वहीं राजस्थान की नोहर अनाज मंडी में सरसों का भाव 5100 से 5650 रहा। हनुमानगढ़ मंडी में नरमें का भाव 6200 से 6458 रुपए क्विंटल का रहा। वहीं मंडी में सरसों का बोली भाव 5200 से 5515 रुपए तक दर्ज किया गया। संगरिया मंडी में सरसों का रेट 5300 से 5540 रुपए क्विंटल का रहा। श्री गंगानगर मंडी में सरसों का रेट 5351 से 5511, नरमा भाव 6250 से 6321 रहा। अनूपगढ़ मंडी सरसों का भाव 5400 से 5660 प्रति क्विंटल रहा। सादुलशहर मंडी में सरसों रेट 5200 से 5765 रुपए क्विंटल रहा। देवली मंडी में सरसों का भाव 5100 से 5790 रुपए क्विंटल रहा। इधर इटावा (उत्तर प्रदेश) मंडी में सरसों का भाव 5500 से 5707 रुपए के आसपास चल रहा है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार आगे बाजार में सरसों व कपास के भावों में ज्यादा कमी आने की उम्मीद बहुत ही कम है क्योंकि अंतराष्ट्रीय बाजार में इन दोनों की मांग बनी हुई है।


नए सीजन के लिए किसानों ने शुरू की बुवाई

दुनिया के कॉटन बाजार पर पैनी निगाह रखने वाले विशेषज्ञ कहते हैं कि आगामी खरीफ सीजन में कपास का रकबा पिछले साल से ज्यादा रहेगा। उन्होंने बताया कि उत्तर भारत के कुछ इलाकों में नए सीजन में कपास की बुवाई शुरू हो चुकी है। इस महीने के आखिर तक ये और जोर पकड़ लेगी। बाजार के सूत्रों मुताबिक कपास का रकबा बढऩे से इस साल बीज की किल्लत बनी रह सकती है। बता दें कि कपास सीजन 2020-21 में देश के किसानों ने कुल 129.57 लाख हेक्टेयर में कपास की खेती की थी।

 

 

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