किसान आंदोलन : प्रधानमंत्री मोदी ने किया किसानों की शंकाओं का समाधान

किसान आंदोलन :  प्रधानमंत्री मोदी ने किया किसानों की शंकाओं का समाधान

Posted On - 19 Dec 2020

नए कृषि कानून : एमएसपी ( न्यूनतम समर्थन मूल्य ) और कृषि कानूनों पर दी सफाई

दिल्ली की बॉर्डर पर किसान आंदोलन को 24 दिन हो चुके हैं। दिल्ली के सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर पर पंजाब, हरियाणा सहित कई राज्यों के किसान डटे हुए हैं। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों के बीच मौजूद शंकाओं का समाधान किया है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को मध्यप्रदेश में किसान महासम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान मध्यप्रदेश के 35 लाख किसानों के खाते में 1600 करोड़ रुपए ट्रासफर किए। संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नए कृषि कानूनों को लेकर किसानों के मन में मौजूद भ्रांतियों को दूर किया। प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों से संवाद करते न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और कृषि कानून को लेकर सफाई दी। आईए जाने मोदी ने किस मुद्दे पर क्या कहा।

 

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एमएसपी न्यूनतम समर्थन मूल्य : सरकार हर बुवाई से पहले करती है एमएसपी की घोषणा

अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को लेकर गंभीर है। अगर सरकार को एमएसपी हटानी होती तो स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट ही क्यों लागू करते? हर बार फसलों की बुवाई से पहले एमएसपी की घोषणा की जाती है। इससे किसानों को पहले ही पता चल जाता है कि उन्हें इस फसल पर कितनी एमएसपी मिलने वाली है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में नए कृषि कानून लागू किए छह महीने से ज्यादा का समय हो चुका है। कृषि कानून बनने के बाद भी एमएसपी की घोषणा की गई है। कोरोना महामारी से लड़ाई के दौरान भी यह काम पहले की तरह किया गया। एमएसपी की खरीद भी उन्हीं मंडियों में हुई, जिनमें पहले होती थी। उन्होंने कहा कि मैं देश के किसानों को यह विश्वास दिलाता हूं कि जैसे एमएसपी पहले दी जाती थी, वैसे ही भविष्य में दी जाती रहेगी। एमएसपी न बंद होगी, न समाप्त होगी।

 


एमएसपी को लेकर विपक्ष ने किया गुमराह

उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय में गेहूं की एमएसपी 1400 रुपए प्रति क्विंटल थी, हमारी सरकार गेहूं पर 1975 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी दे रही है। वहीं पिछली सरकार के समय धान पर एमएसपी 1310 रुपये प्रति क्विंटल थी। हमारी सरकार प्रति क्विंटल धान पर करीब 1870 रुपये एमएसपी दे रही है। पिछली सरकार में ज्वार पर एमएसपी 1520 रुपये प्रति क्विंटल थी, हमारी सरकार ज्वार पर प्रति क्विंटल 2640 रुपये एमएसपी दे रही है। इसके अलावा मसूर की दाल पर 5100 रुपए, चने पर 5100 रुपए और मूंग की दाल पर 7200 रुपए एमएसपी दे रही है। पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष कृषि कानून को लेकर किसानों को गुमराह कर रहा है, पिछले 6 महीने से कानून लागू हैं लेकिन कोई शिकायत नहीं आई है।

 

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कॉंट्रैक्ट फार्मिंग : पंजाब सरकार ने हाल में किया है 800 करोड़ का एग्रीमेंट

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनुबंध खेती अर्थात कांट्रैक्ट फार्मिंग देश में नई नहीं है। देश के कई राज्यों में पहले से ही कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एग्रीमेंट चल रहे हैं। पंजाब की कांग्रेस सरकार ने हाल ही में एक ऐसा ही कॉन्ट्रैक्ट किया था। इसमें पंजाब सरकार खुद 800 करोड़ से ज्यादा की एक विदेशी कंपनी से फॉर्मिंग एग्रीमेंट की है। हमने अब इसमें बदलाव किया है कि किसान से कॉन्ट्रैक्ट करने वाली कंपनी को अपना वादा पूरा करना होगा।

 

मत्स्य, मुर्गी और मधुमक्खी पालन

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले एक वर्ष में देश 1 लाख करोड़ से ज्यादा का मछली निर्यात करेगा। सरकार मधुमक्खी पालन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन को बढ़ावा देगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों को अगर किसानों की चिंता होती तो सिंचाई के प्रोजेक्ट 10 वर्षों तक रोके नहीं जाते। लेकिन अब हमारी सरकार इन प्रोजेक्टों को फिर से शुरू करेगी।


यूरिया : बंद की कालाबाजारी

पीएम मोदी बोले हमने यूरिया का कालाबाजारी बंद की। किसानों को सस्ते दामों पर यूरिया मिल सके, इसलिए हम उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले सहित कई राज्यों  में प्लांट खोलने जा रहे हैं। इससे भारत को यूरिया का आयात नहीं करना पड़ेगा। साथ ही उन्हें इन कारखानों में रोजगार भी मिलेगा।

 

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नए कृषि कानूनों का फायदा बताने के लिए सरकार ने लांच की ई-बुकलेट

किसानों को नए कृषि कानूनों का फायदा बताने के लिए केंद्र सरकार ने एक ई-पुस्तिका लांच की है। ‘अन्नदाताओं के हितों को समर्पित मोदी सरकार’ शीर्षक वाली 100 पृष्ठों की इस ई-पुस्तिका में सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन कानूनों से ‘क्या नहीं होगा’ और ‘किसानों के लिए क्या बेहतर होगा’। इस ई-बुकलेट में नए कानूनों के लागू होने के बाद अनुबंध खेती से लाभान्वित हुए किसानों की सफलता की कहानी बताई गई है।

इस पुस्तक में बताया गया है कि पिछले छह वर्षों में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से सुधार किए हैं और इसके प्रत्येक चरण में किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखा गया। पुस्तक में बताया गया है कि सितंबर में लागू किए गए तीन कृषि कानून ‘दो दशकों तक किए गए विचार-विमर्श’ के बाद ला गए हैं। ये कृषि कानून हैं- 1. किसान उपज व्यापार एवं वाणिज्य (संवर्धन एवं सुविधा) कानून। 2. किसान (सशक्तिकरण एवं संरक्षण) मूल्य आश्वासन अनुबंध। 3. कृषि सेवाएं कानून और आवश्यक वस्तु (संशोधन) कानून।


जानिएं, नए कृषि कानूनों से किसानों को कैसे पहुंचा फायदा

इस ई-पुस्तिका में बताया गया है कि कैसे नए कृषि कानूनों से किसानों को फायदा पहुंचा है। सरकार ने इन कानूनों से लाभान्वित हुए किसानों का ब्योरा दिया है। 

  • केस एक : उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के करीब 1,300 किसानों ने फॉर्च्यून राइस कंपनी के साथ समझौता किया है, जिसके तहत वह निर्यात के योग्य धान उपजाएंगे। इससे उनकी आय में 15-20 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। 
  • केस दो : इसी प्रकार सरकार ने बताया कि उत्तरी गुजरात में करीब 2,500 आलू किसानों ने आलू प्रसंस्करण करने वाली कंपनी हाईफन फूड्स के साथ समझौता किया है। इसके जरिए वे प्रति एकड़ 40 हजार रुपये से ज्यादा की अतिरिक्त कमाई कर पाएंगे।

 

 

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