बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद स्थगित

बारिश और ओलावृष्टि से फसलें तबाह, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद स्थगित

Posted On - 24 Mar 2021

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद : नई तिथि की घोषणा नहीं, अभी करना होगा इंतजार

मध्यप्रदेश में 22 मार्च से शुरू होने वाली न्यूनतम समर्थन मूल्य होने वाली खरीद को राज्य सरकार फिलहाल स्थगित कर दिया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य को लेकर नई तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी। बता दें कि राज्य में पिछले दिनों हुई बारिश व ओलावृष्टि से फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। यहां बारिश व ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है। इसे देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने समर्थन मूल्य पर होने वाली सरकारी खरीद को स्थगित करते हुए किसानों को हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। 

 

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22 मार्च से होनी थी खरीद, किसानों को भेज गए मैसेज

मध्य प्रदेश में गेहूं, चना मसूर एवं सरसों की खरीदी 22 मार्च से शुरू होनी थी जिसके लिए गेहूं के अलावा दलहनी और तिलहनी फसलों को बेचने के लिए किसानों को एसएमएस भेज दिए गए थे, लेकिन बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति के कारण इसे रोकने का निर्णय लिया गया। इससे पहले गेहूं तथा रबी अन्य फसलों की खरीदी का काम 15 मार्च किया जाना था, लेकिन इसे बढ़ाकर 22 मार्च कर दिया गया था। अब एक बार फिर राज्य में रबी फसल की खरीदी को आगे बढ़ा दिया गया है।

 


इस साल गेहूं खरीदी के लिए 24 लाख 58 हजार किसानों ने कराया है पंजीयन

इस वर्ष गेहूं खरीदी के लिए 24 लाख 58 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है। इन किसानों से 4763 खरीदी केन्द्रों से 1 करोड़ 35 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य रखा है। वहीं पिछले वर्ष 19 लाख 46 हजार किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय के लिए पंजीयन कराया था। इसमें से 15 लाख 55 हजार 453 किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए क्रय केंद्र पहुंचे थे। कोरोना काल के बावजूद मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों से 1 करोड़ 29 लाख 28 हजार 379 मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी की थी। यह खरीदी राज्य के 4 हजार 527 खरीदी केन्द्रों पर 15 लाख 55 हजार 453 किसानों से की गई थी।


अब कब शुरू होगी एमएसपी पर खरीद?

किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने पिछले दिनों फेसबुक पर किसानों से संवाद करते हुए कहा कि मौसम की स्थिति को देखते हुए चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी की तिथि 22 मार्च से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया था जिसे अभी आगे बढ़ा दिया गया है। सरकार ने ऐसे संकेत दिए हैं की मौसम की स्थिति में सुधार होते ही खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। 


नई तिथि की घोषणा होने पर दिए दोबारा जाएंगे मैसेज

सरकार के तरफ से फसलों की सरकारी खरीद को लेकर अभी कोई सूचना नहीं दी गई है कि रबी फसल उपज की खरीदी कब शुरू की जाएगी। जिन किसानों को उपज बेचने के लिए मेसेज भेजे गए हैं उन्हें अभी अपनी उपज बेचने के लिए इंतजार करना होगा। फसलों की खरीद शुरू होने पर उन्हें दोबारा से मेसेज भेजे जाएंगे।  

 


फसल नुकसानी का किसानों को दिया जाएगा मुआवजा

इन दिनों मध्यप्रदेश में आंधी-बारिश एवं ओलावृष्टि हुई फसल नुकसानी की सर्वे किया जा रहा है। किसानों की फसल नुकसानी का आकलन किया जा रहा है तथा मुआवजे की राशि भी इसी आधार पर तय की जाएगी। खराब मौसम के चलते राज्य में रबी फसल की सरकारी खरीदी को रोक दिया गया है। पंचायत में चस्पा हो रिपोर्ट मुख्यमंत्री चौहान ने निर्देश दिए कि सर्वे की रिपोर्ट पंचायत कार्यालय में चस्पा की जाए, जिससे सर्वे में प्राप्त फसलों की क्षति की जानकारी संबंधित किसान को भी प्राप्त हो सकें। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को नियमानुसार फसल बीमा योजना का लाभ भी दिलवाने का कार्य किया जाएगा। 


फसल नुकसान की किसान यहां दें सकते हैं सूचना

मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री श्री पटेल ने बताया कि बारिश एवं ओला प्रभावित क्षेत्रों में सर्वे का काम प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि यदि उनकी फसल खराब हुई है और सर्वे अभी प्रारंभ नहीं हुआ है, तो स्थानीय कृषि, राजस्व विभाग के अधिकारीयों, तहसीलदार, एडीएम एवं जन-प्रतिनिधियों को खराब हुई फसलों की तत्काल सूचना दें। सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए कमल सुविधा केंद्र 0755-2558823 जारी किया है। किसान इस नंबर पर भी कॉल करके फसल क्षति की सूचना दे सकते हैं। 


जन हानि, पशु हानि पर प्रावधान के अनुसार दिया जाएगा मुआवजा

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि फसलों की हानि के साथ ही जनहानि और पशु हानि के प्रकरणों में भी सहायता दी जाएगी। जहां जन हानि हुई है, प्रावधान अनुसार चार-चार लाख की राशि प्रभावित परिवारों को दी जाए। कृषि विभाग और राजस्व विभाग संयुक्त निरीक्षण करें। राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के प्रावधान के अनुसार पात्र प्रभावितों की पूरी मदद की जाएगी। प्रदेश में करीब 15 से 20 जिलों में असमय वर्षा हुई है। कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हुई है। अभी क्षति का आकलन किया जा रहा है। शीघ्र ही जिलों से प्रतिवेदन प्राप्त होगा। पश्चिम मध्यप्रदेश के दो-तीन जिलों में और चंबल क्षेत्र में भी वर्षा हुई है। फसलों की क्षति अधिक नहीं हुई है। यहां आंशिक प्रभाव है, उसका आकलन किया जा रहा है। सात लोगों की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु की सूचनाएं मिली हैं। कहीं-कहीं पशु हानि भी रिकार्ड की गई है।  

 

 

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