• Home
  • News
  • Agriculture News
  • पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने पर मिलेगा 3 हजार रुपए का अनुदान

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने पर मिलेगा 3 हजार रुपए का अनुदान

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई करने पर मिलेगा 3 हजार रुपए का अनुदान

धान की फसल की रोपाई में उपयोगी है पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन

खरीफ की फसलों में धान का अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। भारत में कई राज्यों में इसकी खेती की जाती है। परंपरागत तरीके से धान की रोपाई करने में काफी समय लगता है। इसमें समय के साथ ही लागत भी अधिक आती है। वहीं आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग करके आसानी से धान की रोपाई की जा सकती है। इससे इसकी लागत तो कम आती ही है साथ ही समय की बचत भी होती है। आज बाजार में अनेक प्रकार के कृषि यंत्र उपलब्ध है। इसकी सहायता से किसान आसानी से खेती का कार्य करके उत्पादन बढ़ा सकता है।

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1

 

इन्हीं यंत्रों में एक धान की रोपाई करने में काम आने वाली पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन है। इसकी सहायता से किसान मात्र दो या तीन घंटे में एक एकड़ क्षेत्र में धान की रोपाई का कार्य कर सकता है। इसके  लिए सरकार से भी अनुदान दिया जाता है। आइए जानते हैं इस मशीन की खासियत और कार्यविधि के बारे में ताकि किसान इसका लाभ उठा सके। 

 

क्या है पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन में तीन पहिए होते हैं सडक़ पर चलने के लिए रबर का टायर, खेत में चलने के लिए लोहे की पहिया होती है। धान लगाने के लिए खेत तैयार करते समय ध्यान रखें कि खेत में पानी एक दिन पहले भरे पानी में जुताई करें और सारा पानी निकाल दें। मशीन कीचड़ में चलाएं। मशीन चलाने से पहले आगे लोहे का पहिया लगाएं और पीछे के दोनों पहिया निकाल देना चाहिए। मशीन में एक बार में 8 लाइन लगाई गई होती है। पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से रोपाई करने में एक डाइवर और दो सहायक श्रमिकों की आवश्यकता पड़ती है। 

 

 

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से रोपाई करने के लाभ

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन द्वारा एक एकड़ की धान की रोपाई मात्र 2 से 3 घंटे में पूरा होता है एवं अपेक्षाकृत लागत भी कम आती है। पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से मैट टाइप नर्सरी तैयार करने से उत्पादन में भी 10 से 12 प्रतिशत बढ़ोतरी भी होती है। पैडी ट्रांसप्लांटर से रोपाई करने में जहां कम श्रमिकों की आवश्यकता पड़ती है। वहीं इससे बीज की बचत एवं निंदाई, गुड़ाई एवं कटाई आदि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं।

 

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से रोपाई की विधि

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से रोपाई विधि नर्सरी तैयार करने की विधि बहुत ही आसान है। सबसे पहले मेट टाईप नर्सरी तैयार करना होता है। पोलीथिन के ऊपर फ्रेम की सहायता से गीली मिट्टी डालकर बराबर मात्रा में अंकुरित धान को छिडक़ा जाता है। इसके लिए प्रति एकड़ करीब 7 से 8 किलोग्राम धान के बीज की आवश्यकता होती है।

नर्सरी 15 से 18 दिन में मशीन से रोपाई हेतु तैयार हो जाती है। मशीन रोपाई हेतु खेत की उथली मताई रोपा के 4 से 5 दिन पहले करनी होती है, एक एकड़ धान की मशीन से रोपाई हेतु मात्र 2 से 3 घंटे का समय लगता है। इस कार्य में तीन से चार मजदूरों की आवश्यकता होती है। बता दें कि परंपरागत विधि से धान रोपाई में 15 से 20 मजदूर लगते हैं एवं लागत भी ज्यादा होती है। जबकि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से रोपाई करने समय व श्रम दोनों की बचत होती है। 

 

ऐसे तैयार करें मशीन के लिए बैरन

ट्रांसप्लांटर मशीन की सहायता से धान लगाने में सबसे महत्वपूर्ण काम बैरन तैयार करना होता है। इसके लिए सबसे पहले खेत को समतल करके पानी भर दें। सवा मीटर चौड़ी और 3 मीटर लंबी पॉलीथिन पर एक बीघे का बैरन उगाया जा सकता है। इसी हिसाब से जितना धान लगाना हो उस हिसाब से पॉलीथिन बिछाएं। पॉलीथिन से पॉलीथिन की दूरी 2 फीट रखें फिर एक इंच चौड़े पटरी ले सवा मीटर पॉलिथीन पर दोनों किनारों पर रखकर गीली मिट्टी भर दें।

धान से धान की दूरी लगभग आधा अंगुल रखें, जिससे बैरन मोटा हो जाए इस तरह जब बैरन हो जाए तो दूसरे दिन स्प्रेयर से पानी का छिडक़ाव करें। छिडक़ाव के बाद उसे दूसरी पॉलीथिन से ढक दें। चार दिन बाद ऊपर की पॉलीथिन हटा दें, पानी का छिडक़ाव छठे दिन करें फिर पानी लगा दें। इस तरह तीसरी बार पानी लगाएं। 18 से 20 दिन बाद बैरन पैडी ट्रांसप्लांटर में लगाने के लिए तैयार हो जाएगी। याद रखें, जब बैरन लगानी हो, उसमें पानी देना बंद कर दें, ताकि पौधे के साथ मिट्टी की परत न टूटे।

 

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कीमत व खर्चा

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन की कीमत ढाई लाख रुपए के करीब है। इसमें 4 हॉर्स पावर का इंजन होता है। इसमें एक घंटे में 600 ग्राम डीजल की खपत होती है। एक एकड़ की रोपाई में करीब 3 लीटर डीजल खर्च होता है। मशीन चलाने के लिए एक ड्राइवर और दो सहायकों की जरुरत होती है।  

 

सरकार से मिलने वाला अनुदान

जबकि पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से रोपाई पर सरकार अनुदान देती है। इस समय  छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की नवीन फसल प्रदर्शन योजना के तहत पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से किसानों के खेतों में नर्सरी तैयार व रोपाई कर प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके लिए सरकार द्वारा किसानों को प्रति एकड़ 3 हजार रुपए अनुदान देने का प्रावधान है। 

 

 

किसान कहां से ले सकते हैं इसका प्रशिक्षण

किसान अपने जिले के कृषि विज्ञान केंद्र से पैडी ट्रांसप्लांटर से बुआई के विषय में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा कृषि अभियांत्रिकी एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के माध्यम से किसानों को मार्गदर्शन दिया जाता है।  

 

अगर आप अपनी  कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण,  दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।  

Top Agriculture News

न्यूनतम समर्थन मूल्य : 11 लाख किसानों को किया 24 हजार करोड़ का भुगतान

न्यूनतम समर्थन मूल्य : 11 लाख किसानों को किया 24 हजार करोड़ का भुगतान

न्यूनतम समर्थन मूल्य : 11 लाख किसानों को किया 24 हजार करोड़ का भुगतान (Minimum Support Price: 24 thousand crores paid to 11 lakh farmers) पंजाब में पहली बार सीधे किसानों के खातों में पहुंचे 202.69 करोड़ रुपए

पशुपालन : वैज्ञानिकों ने पशुओं के लिए विकसित किए सस्ते टीके

पशुपालन : वैज्ञानिकों ने पशुओं के लिए विकसित किए सस्ते टीके

पशुपालन : वैज्ञानिकों ने पशुओं के लिए विकसित किए सस्ते टीके (Animal Husbandry: Scientists have developed cheap vaccines for animals)

गेंदे की खेती : गेंदे से बढ़ाएं खेतों की रौनक, होगा भरपूर मुनाफा

गेंदे की खेती : गेंदे से बढ़ाएं खेतों की रौनक, होगा भरपूर मुनाफा

गेंदे की खेती : गेंदे से बढ़ाएं खेतों की रौनक, होगा भरपूर मुनाफा (Marigold farming : Increase acreage with marigold, will be profitable)

मौसम को लेकर कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह, एक-दो दिन नहीं करें ये काम

मौसम को लेकर कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह, एक-दो दिन नहीं करें ये काम

मौसम को लेकर कृषि वैज्ञानिकों की किसानों को सलाह, एक-दो दिन नहीं करें ये काम (Agricultural scientists advise farmers about weather, do not do this work for a day or two)

close Icon

Find Your Right Tractor and Implements

New Tractors

Used Tractors

Implements

Certified Dealer Buy Used Tractor