• Home
  • News
  • Agri Business
  • बंगाल, बिहार और असम में सरसों की जोरदार मांग, तेल के भाव भी उछले

बंगाल, बिहार और असम में सरसों की जोरदार मांग, तेल के भाव भी उछले

बंगाल, बिहार और असम में सरसों की जोरदार मांग, तेल के भाव भी उछले

बाजार समाचार : जानें, देश की प्रमुख मंडियों में सरसों सहित अन्य तिलहन के ताजा भाव

बंगाल, बिहार और असम में राजस्थान के सरसों की जोरदार मांग बनी हुई है। यहां की सरसों की गुणवत्ता और तेल की मात्रा अधिक होने से इसकी मांग में इजाफा हुआ है। इससे किसानों को सरसों के बाजार में बेहतर भाव मिल रहे हैं। वहीं मंडियों में अब सरसों की आवक कम हो रही है। इसके पीछे कारण साफ है कि किसानों को बाजार में एमएसपी से अधिक भाव मिल रहे हैं। इससे इस समय सरसों किसानों की चांदी हो रही है और उन्हें बाजार में सरसों के अच्छे भाव मिल रहे हैं। वहीं दूसरी एक बार फिर खाद्य तेलों में तेजी आई है। इससे सरसों सहित अन्य खाद्य तेलों के भाव बढ़ गए हैं। मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार विदेशी बाजारों में तेल कीमतों में मजबूती के रुख तथा मांग बढ़ने से दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सरसों, मूंगफली तेल तिलहन, सोयाबीन तेल सहित ज्यादातर तेलों के दाम बढ़ गए हैं। 

AdTractor Junction Mobile App

 

सबसे पहले सरकार की सभी योजनाओ की जानकारी के लिए डाउनलोड करे, ट्रेक्टर जंक्शन मोबाइल ऍप - http://bit.ly/TJN50K1 


किसानों को अच्छे दाम मिलेंगे तब ही बढ़ेगा तिलहन उत्पादन

बाजार सूत्रों के अनुसार यदि किसानों को तिलहनों के अच्छे दाम मिले तो वे खुद ही उत्पादन बढ़ाने की क्षमता रखते हैं। जब देश में तिलहनों का उत्पादन बेहतर होगा तो हमें बाहर से इसे आयात करने की जरूरत नहीं होगी। सूत्रों के अनुसार इंडोनेशिया ने जो कदम उठाया है उससे हमें यह सबक लेना चाहिए कि हम देश में तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देने के हर संभव प्रयास करें ताकि इसके आयात की निर्भरता को हमेशा के लिए समाप्त किया जा सके। 

 

खाद्य तेलों के भावों में आई तेजी

बाजार सूत्रों के अनुसार इंडोनेशिया द्वारा पामतेल पर निर्यात शुल्क में वृद्धि किए जाने के बाद मलेशिया एक्सचेंज में पामतेल के भाव में पांच प्रतिशत सुधार देखने को मिला। इसका तेल तिलहन कारोबार पर असर पड़ा और भाव लाभ दर्शाते बंद हुए।  बाजार सूत्रों के अनुसार मलेशिया एक्सचेंज में 5 प्रतिशत और शिकागो एक्सचेंज में दो प्रतिशत की तेजी देखी गई, जिसका स्थानीय तेल तिलहन कीमतों पर असर हुआ। 


मंडियों में घटने लगी सरसों की आवक

इस समय मंडियों में सरसों की आवक कम हो रही है और किसान नीचे भाव पर फसल बेचने को राजी नहीं हैं। बंगाल, बिहार और असम की ओर से राजस्थान के सरसों तेल मिलों में सरसों तेल की जोरदार मांग है। मांग बढऩे और मंडियों में कम आवक के कारण सरसों तेल तिलहन के भाव लाभ दर्शाते बंद हुए। एफएसएसआई के मुताबिक आठ जून से खाद्य तेलों में सरसों तेल की मिलावट नहीं की जाएगी।  

AdBuy Truck


सरसों सहित रबी की अन्य फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2021

क्रमांक

फसल का नाम एमएसपी 2021
1. गेहूं  1975 रुपए प्रति क्विंटल
2. रेपसीड या सरसों 4650 रुपए प्रति क्विंटल
3.   मसूर 5100 रुपए प्रति क्विंटल
4.   जौ 1600 रुपए प्रति क्विंटल
5.   चना 5100 रुपए प्रति क्विंटल
6. कुसुम  5327 रुपए प्रति क्विंटल


न्यूनतम समर्थन मूल्य कम होने से किसानों ने किया बाजार का रुख

केंद्र सरकार की ओर से सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4650 रुपए तय किया गया है जो बाजार भाव से बहुत कम है। जबकि खुली मंडियों में बोली भाव ही 6200 से 6600 रुपए चल रहे हैं। वहीं बाजार में व्यापारियों द्वारा किसानों ने सरसों 7000 रुपए से ऊपर के भावों पर खरीदी जा रही है। इससे किसानों का रुख अब सरकारी दर पर सरसों बेचने से हटकर बाजार में सरसों का विक्रय करने का बना हुआ है जिससे मंडियों में सरसों की आवक घट रही है। 


प्रमुख मंडियों में सरसों के भाव (प्रति क्विंटल में)

  • हरियाणा :   सिरसा अनाज मंडी में सरसों के बोली भाव- 6200 से 6535 रुपए, ऐलनाबाद मंडी में सरसों के बोली भाव-6300-6485 रुपए, आदमपुर में सरसों के भाव-6574 रुपए, सिवानी मंडी मे सरसों के भाव- 6500 रुपए प्रति क्विंटल रहे।
  • राजस्थान :  नोहर मंडी में सरसों के भाव 6390 रुपए, देवली (टोंक) मंडी में सरसों के भाव- 6100-6851 रुपए, कोटा मंडी में 6500-6600 रुपए, नोखा मंडी में 5800-6200 रुपए, छतरपुर मंडी में सरसों भाव-6200-6300 रुपए प्रति क्विंटल रहा।


सरसों का भाव (प्रति क्विंटल में)

जयपुर- 7300-7325 रुपए, दिल्ली- 6950-6975, आगरा सलोनी- 7750+50, कोटा सलोनी- 7800+50, अलवर सलोनी- 7800+100, शमशाबाद- 7800, बीपी आगरा-7500 रुपए, कोलकाता एमपी और यूपी-7150 रुपए, हरियाणा और राजस्थान- 7400 रुपए, मोरेना और ग्वालियर- 6900 रुपए, इटावा-6400-6600 रुपए, हापुड-7250-7300 रुपए, बरवाला-6300-6400 रुपए, हिसार-6300-6325 रुपए, चरखी दादरी- 6600-6800 रुपए, गंगानगर-6400-6700 रुपए, खैरथल-6900-7000 रुपए, अलवर-6800-6900 रुपए, मुरैना-6600-6650 रुपए, पोरसा-6550-6625 रुपए प्रति क्विंटल भाव रहा।


सरसों सहित अन्य तिलहन के बाजार में थोक भाव - (भाव- रुपए प्रति क्विंटल में)

  • सरसों तिलहन - 7,325 - 7,375 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपए।
  • मूंगफली दाना - 5,770 - 5,815 रुपए। 
  • मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,000 रुपए। 
  • मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,260 - 2,290 रुपए प्रति टिन।
  • सरसों तेल दादरी- 14,460 रुपए प्रति क्विंटल।
  • सरसों पक्की घानी- 2,325 -2,375 रुपए प्रति टिन।
  • सरसों कच्ची घानी- 2,425 - 2,525 रुपए प्रति टिन।
  • तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपए। 
  • सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली - 15,200 रुपए।
  • सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,000 रुपए।
  • सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,850 रुपए। 
  • सीपीओ एक्स-कांडला- 11,650 रुपए।
  • बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,300 रुपए।
  • पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,500 रुपए।
  • पामोलिन एक्स- कांडला- 12,400 (बिना जीएसटी के) 
  • सोयाबीन दाना 7,600-7,650, सोयाबीन लूज 7,550-7,600 रुपए।
  • मक्का खल 3,800 रुपए। 

 

अगर आप अपनी कृषि भूमि, अन्य संपत्ति, पुराने ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, दुधारू मवेशी व पशुधन बेचने के इच्छुक हैं और चाहते हैं कि ज्यादा से ज्यादा खरीददार आपसे संपर्क करें और आपको अपनी वस्तु का अधिकतम मूल्य मिले तो अपनी बिकाऊ वस्तु की पोस्ट ट्रैक्टर जंक्शन पर नि:शुल्क करें और ट्रैक्टर जंक्शन के खास ऑफर का जमकर फायदा उठाएं।

Top Agri Business

कृषि बाजार समाचार : तिलहन की अच्छी कीमत मिलने से सोयाबीन की जमकर बुवाई

कृषि बाजार समाचार : तिलहन की अच्छी कीमत मिलने से सोयाबीन की जमकर बुवाई

कृषि बाजार समाचार : तिलहन की अच्छी कीमत मिलने से सोयाबीन की जमकर बुवाई (Agricultural market news : Sowing of soybeans due to good price of oilseeds), जानें, सोयाबीन के ताजा भाव

Robust Farm, Escalating Demand Boosts Revenue of Goodyear By 50%

Robust Farm, Escalating Demand Boosts Revenue of Goodyear By 50%

Robust Farm, Escalating Demand Boosts Revenue of Goodyear By 50%, INR 43 crore Registered this Year Against INR 13 crore a year ago, Which shows 250% Growth.

आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई

आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई

आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी व कालाबाजारी करने वालों पर अब होगी सख्त कार्रवाई (Strict action will now be taken against hoarding and black marketing)

कपास : अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कपास की भारी मांग

कपास : अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कपास की भारी मांग

कपास : अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कपास की भारी मांग (Cotton : There is a huge demand for Indian cotton in the international market), बढ़ सकता है रकबा

close Icon

Find Your Right Tractor and Implements

New Tractors

Used Tractors

Implements

Certified Dealer Buy Used Tractor